धमतरी के पांच ग्रामों में अधिकार अभिलेख का प्रारंभिक प्रकाशन

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धमतरी के पांच ग्रामों में अधिकार अभिलेख का प्रारंभिक प्रकाशन


धमतरी, 13 अप्रैल (हि.स.)।केंद्र शासन की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के तहत धमतरी जिले में ग्रामीण आबादी भूमि के स्वामित्व निर्धारण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। जिले के 501 राजस्व ग्रामों में ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से किए जा रहे कार्य के अंतर्गत कार्यान्वयन एजेंसी सर्वे आफ इंडिया द्वारा पांच राजस्व ग्रामों में अधिकार अभिलेख का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया है।

इसमें भखारा, बेलरगांव, धमतरी, कुरूद एवं मगरलोड विकासखंड के चयनित ग्रामों की कुल 10 सीटों के मसौदा मानचित्र तथा संपत्ति धारकों का विस्तृत विवरण तैयार कर संबंधित ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराया गया है।

यह प्रक्रिया ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का स्पष्ट, प्रमाणिक एवं कानूनी अधिकार प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रारंभिक प्रकाशन परिशिष्ट-सात के तहत विधिवत किया जाए तथा ग्राम कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराकर अधिक से अधिक हितग्राहियों तक सूचना पहुंचाई जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मैप-एक में चिन्हित विसंगतियों का मैप-दो से सावधानीपूर्वक मिलान किया जाए तथा हल्का पटवारी द्वारा तैयार संपत्ति विवरण और सर्वे आफ इंडिया से प्राप्त आंकड़ों का आपसी सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। मैप-दो में भू-खंड सीमाओं को पीले, भवनों को लाल, मार्गों को नीले एवं शासकीय भूमि को हरे रंग से प्रदर्शित किया गया है, जिससे ग्रामीणों को अपने भू-अधिकार को समझने में आसानी होगी।

प्रारंभिक प्रकाशन की तिथि से 15 दिवस की अवधि तक संबंधित हितग्राही अपने दावे एवं आपत्तियां प्राधिकृत अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। तहसीलदार द्वारा ई-कोर्ट के माध्यम से इन प्रकरणों का पंजीयन एवं निराकरण किया जाएगा। सभी दावों के निराकरण उपरांत संशोधित मैप-तीन को अंतिम प्रकाशन के लिए कार्यान्वयन एजेंसी को भेजा जाएगा। यदि निर्धारित अवधि में कोई दावा या आपत्ति प्राप्त नहीं होती है, तो अंतिम अधिकार अभिलेख तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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