सीईओ के तबादले पर पोंडी उपरोड़ा जनपद में बवाल, जनप्रतिनिधियों ने सुशासन तिहार का किया बहिष्कार

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सीईओ के तबादले पर पोंडी उपरोड़ा जनपद में बवाल, जनप्रतिनिधियों ने सुशासन तिहार का किया बहिष्कार


कोरबा, 21 मई (हि.स.)। जिले के जनपद पंचायत पोंडी उपरोड़ा में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के अचानक किए गए तबादले को लेकर जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कोरबा द्वारा जारी आदेश के तहत पोंडी उपरोड़ा के सीईओ जय प्रकाश डड़सेना को जिला पंचायत कोरबा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के नोडल अधिकारी के रूप में संबद्ध किया गया है। वहीं उनकी जगह भूपेंद्र कुमार सोनवानी को आगामी आदेश तक जनपद पंचायत पोंडी उपरोड़ा का प्रभार सौंपा गया है।

प्रशासनिक आदेश सामने आते ही जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित सभी जनपद सदस्यों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि सुशासन तिहार के दौरान एक ऐसे अधिकारी को हटाया गया है, जो क्षेत्र की समस्याओं और विकास कार्यों से भलीभांति परिचित थे। विरोध स्वरूप उन्होंने चल रहे सुशासन तिहार कार्यक्रम का बहिष्कार करने की घोषणा कर दी।

जनपद प्रतिनिधियों का कहना है कि जय प्रकाश डड़सेना के कार्यकाल में पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिली थी तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आई थी। उनका कहना है कि वर्तमान समय में क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य चल रहे हैं और ऐसे में सीईओ को हटाने से प्रशासनिक कार्य प्रभावित होंगे।

जनपद उपाध्यक्ष ने कहा कि, प्रदेशभर में सुशासन तिहार के माध्यम से आम जनता की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया जा रहा है, लेकिन इसी बीच पोंडी उपरोड़ा के सीईओ को अचानक हटाए जाने से जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में असंतोष है। उन्होंने कहा कि अधिकारी को क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और विकास योजनाओं की पूरी जानकारी थी, इसलिए इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।

वहीं जनपद अध्यक्ष ने भी प्रशासनिक आदेश का विरोध करते हुए कहा कि यदि सीईओ की वापसी नहीं हुई तो जनप्रतिनिधि जनपद पंचायत कार्यालय में तालाबंदी करने के साथ आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

उन्होंने कहा कि, फिलहाल शांतिपूर्ण ढंग से शासन और प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी जाएगी, लेकिन मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

जनप्रतिनिधियों ने बताया कि वे इस मामले को लेकर प्रभारी मंत्री, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो जनपद पंचायत कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

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