बस्तर की बदहाल सड़कों से जनता परेशान, भाजपा सरकार झूठी वाह-वाही लूटने में व्यस्त - सुशील मौर्य
जगदलपुर, 18 अगस्त (हि.स.)। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने मंलवार काे प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पूरे बस्तर संभाग में सड़कों की हालत अत्यंत बदहाल और दयनीय हो चुकी है। भाजपा सरकार केवल बड़े-बड़े दावे करने और झूठी वाह-वाही लूटने में व्यस्त है, जबकि धरातल पर उसका काम पूरी तरह जीरो साबित हुआ है। भाजपा सरकार को सत्ता में आए लगभग तीन वर्ष हो चुके हैं, लेकिन बस्तर की सड़कों की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। जबकि जनता को जर्जर सड़कों, धूल, गड्ढों और आवागमन की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्हाेने कहा कि नेशनल हाईवे के केशकाल घाट, कोंडागांव-नारायणपुर मार्ग और दरभा घाट की सड़कें क्षेत्र की महत्वपूर्ण जीवन रेखाएं हैं। इन मार्गों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं, लेकिन सड़क की दयनीय स्थिति के कारण आम जनता, यात्री, व्यापारी और वाहन चालक परेशान हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकार विकास और बेहतर सड़क व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे करती है तो इन प्रमुख मार्गों की बदहाली आखिर क्यों दूर नहीं हो रही है? उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को आरोप-प्रत्यारोप से बचकर सड़कों की वास्तविक स्थिति पर श्वेतपत्र जारी करना चाहिए और जनता को बताना चाहिए कि केशकाल घाट, कोंडागांव-नारायणपुर मार्ग तथा दरभा घाट के लिए अब तक क्या कार्य हुआ है और आगे की कार्ययोजना क्या है।
सुशील मौर्य ने कहा कि बस्तर की जीवन रेखा कही जाने वाली सड़कों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। दरभा घाट कायाकल्प का दावा पूरी तरह खोखला साबित हो चुका है स्थानीय विधायक किरण देव बड़े-बड़े मंचों से घोषणा करते हैं कि 36 करोड़ रुपये की लागत से दरभा घाट का कायाकल्प किया जाएगा, लेकिन आज तक उस पर कोई ठोस काम शुरू नहीं हो सका। बस्तर सांसद महेश कश्यप बेहतर सड़क निर्माण की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि नेशनल हाईवे केशकाल घाट,कोंडागांव-नारायणपुर मार्ग और दरभा घाट सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे नज़र आते हैं। जनता यह जानना चाहती है कि घोषणाओं और दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर काम की गति इतनी धीमी क्यों है? तीन वर्ष से सत्ता में बैठी भाजपा सरकार के कार्यों का वास्तविक मूल्यांकन किया जाए तो धरातल पर स्थिति जीरो बट्टे जीरो बनी हुई है और जनता रोजाना इन जर्जर घाटियों और बदहाल रास्तों पर अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर है।
सुशील मौर्य ने कहा कि इन सभी महत्वपूर्ण सड़कों का काम अटका होने और कायाकल्प न होने का मुख्य कारण आरएसएस से जुड़ी महिला प्रज्ञा नंद अधिकारी को पूरी कार्यप्रणाली का प्रभार सौंपा जाना है। भाजपा नेताओं के संरक्षण में बस्तर में लोक निर्माण और निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्टाचार का खेल खुलेआम चल रहा है। जनहित के पैसे का बंदरबांट किया जा रहा है और ठेकेदारों-नेताओं की मिलीभगत से जनता को गड्डों में धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग में अनेक अनुभवी और योग्य काबिल अधिकारी उपलब्ध हैं, बावजूद इसके उन्हें अटैच कर उक्त अधिकारी को लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपना आखिर किस विशेष कृपा का परिणाम है?
उन्हाेने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व स्थानीय विधायक किरण देव और बस्तर सांसद महेश कश्यप को सार्वजनिक रूप से इस प्रशासनिक अराजकता का जवाब देना चाहिए। क्या बस्तर के विकास और सड़कों की गुणवत्ता से ज्यादा जरूरी संघ से जुड़ी निष्ठाओं को फायदा पहुंचाना है? उन्हाेने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद ऐसी सभी विवादित और संदेहास्पद फाइलों को पुनः खोलकर उनकी निष्पक्ष व विस्तृत जांच कराई जाएगी।यदि जांच में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की भ्रष्टाचार एवं पद के दुरुपयोग में संलिप्तता प्रमाणित होती है,तो उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कांग्रेस पार्टी उन्हें सीधे जेल भेजने का कार्य करेगी।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, ब्लॉक अध्यक्ष सूर्यापानी, महामंत्री अभिषेक नायडू, महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, अनुराग महतो, नीतीश शर्मा, कोषाध्यक्ष रविशंकर तिवारी, विजय प्रकाश दास, शादाब अहमद, एस नीला, गुरमीत कौर आदि मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

