बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से कम परिणाम आने पर नपेंगे प्राचार्य, बैठक में कलेक्टर ने कहा
धमतरी, 05 फ़रवरी (हि.स.)।10 वीं और 12 वीं बोर्ड की परीक्षा की तिथियां नजदीक आते ही जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में पांच फरवरी को जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में जिले के चारों ब्लाक के शासकीय स्कूल के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिसमें बोर्ड परीक्षा की तैयारियों एवं अन्य विषयों पर चर्चा की गई।
कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि बोर्ड परीक्षा में किसी विद्यालय का परीक्षा परिणाम 90 प्रतिशत से कम रहा तो संबंधित स्कूल के प्राचार्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा परिणाम में सुधार लाना सभी प्राचार्यों की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत एवं बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग विशेष जोर दे रहा है। गुरुवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेंद्र सिंह ठाकुर, डिप्टी कलेक्टर कल्पना ध्रुव, जिला शिक्षा अधिकारी अभय कुमार जायसवाल एवं सहायक संचालक देवेश कुमार सूर्यवंशी की मौजूदगी में कुरुद, धमतरी, नगरी और मगरलोड विकासखंड के शासकीय स्कूलों के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक दो चरणों में आयोजित किया गया।
इस बैठक में 10 वीं और 12 वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर विशेष फोकस किया गया। कमजोर विद्यार्थियों की शनिवार और रविवार को अतिरिक्त कक्षाएं लेने के लिए निर्देश दिया गया। इसके साथ ही प्रश्न बैंक एवं शैक्षणिक वीडियो, पीएम ई विद्या पोर्टल, डीफ अकाउंट, अपार आईडी की प्रगति, सत्र 2026 - 27 में आरटीई के तहत प्रवेश, प्रधानमंत्री की परीक्षा पर चर्चा एवं छात्रवृति के एजेंडे पर चर्चा की गई।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि बोर्ड परीक्षाएं विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जो उनके भविष्य की दिशा तय करती हैं। परीक्षा से संबंधित सभी कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थियों की शैक्षणिक तैयारी को सुदृढ़ करने के लिए नियमित अतिरिक्त कक्षाएं, रिवीजन सत्र, माडल प्रश्नपत्र अभ्यास तथा विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के मार्गदर्शन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देते हुए उनकी निरंतर मानिटरिंग करने के निर्देश दिए।
जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र सिंह ठाकुर ने परीक्षा केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया।डीईओ अभय जायसवाल ने बोर्ड परीक्षाओं की संपूर्ण रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए परीक्षा केंद्रों की तैयारियों, गोपनीय सामग्री के सुरक्षित वितरण, प्रश्नपत्रों एवं उत्तरपुस्तिकाओं के संकलन तथा मूल्यांकन प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने विद्यालय स्तर पर परिणाम सुधार के लिए रणनीतिक कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन करने तथा नियमित मूल्यांकन के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रगति पर नजर रखने की आवश्यकता बताई। इस दौरान जिला मिशन समन्वयक, चारों ब्लाक के बीईओ, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल के सभी प्राचार्य, परीक्षा कक्ष प्रभारी लेखन साहू, रूपेंद्र साहू सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

