कम बारिश की स्थिति से निपटने के लिए अभी से तैयारी करें: कलेक्टर कुणाल दुदावत
कोरबा, 23 जून (हि. स.)। जिले में संभावित कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सभी विभागों को अभी से व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि मानसून के दौरान यदि वर्षा सामान्य से कम होती है तो फसल, पेयजल, पशुओं के चारे और खाद्यान्न वितरण जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देना होगा।
बैठक में कलेक्टर ने मौसम विभाग के पूर्वानुमान का उल्लेख करते हुए कृषि, उद्यानिकी, जल संसाधन, खाद्य, पशुधन विकास और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को दलहन, तिलहन, कोदो-कुटकी और रागी जैसी कम पानी वाली फसलों की खेती के लिए प्रेरित करने और ग्राम सभाओं एवं कृषि चौपालों के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाने को कहा।
कलेक्टर ने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को ग्राम स्तर पर कृषि चौपाल आयोजित करने का शेड्यूल जारी करने तथा किसानों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि विस्तार अधिकारियों और पटवारियों की उपस्थिति भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को फसल चयन और कृषि प्रबंधन संबंधी आवश्यक जानकारी मिल सके।
जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर ने तालाब गहरीकरण, जल संरचनाओं के संरक्षण और बीजीरामजी योजना के तहत रोजगारमूलक कार्यों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। साथ ही उद्यानिकी विभाग को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा देने और जल उपयोग दक्षता बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट की संभावना को देखते हुए कलेक्टर ने बंद पड़े बोरवेल और खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को हेल्पलाइन नंबर जारी कर शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पेयजल की कमी जैसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं की योजना अभी से तैयार की जाए।
बैठक में खाद्यान्न भंडारण और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने एसडीएम और खाद्य अधिकारियों को राशन भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। वहीं पशुधन विकास विभाग को संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने की तैयारी करने को कहा गया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, पीएमओ एवं जनदर्शन से जुड़े लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

