स्वस्थ बचपन से ही सशक्त भारत की नींव, हर बच्चे को मिले पोलियो सुरक्षा का कवच : राजेश अग्रवाल

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स्वस्थ बचपन से ही सशक्त भारत की नींव, हर बच्चे को मिले पोलियो सुरक्षा का कवच : राजेश अग्रवाल


स्वस्थ बचपन से ही सशक्त भारत की नींव, हर बच्चे को मिले पोलियो सुरक्षा का कवच : राजेश अग्रवाल


अम्बिकापुर, 28 जून (हि.स.)। देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने के संकल्प के साथ राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का राष्ट्रव्यापी आगाज हो गया है।

छत्तीसगढ़ में इस महाअभियान की शुरुआत पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अम्बिकापुर जिले के लखनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को जीवनरक्षक दवा की दो बूंदें पिलाकर की। इस अवसर पर उन्होंने अभिभावकों और समाज से भावुक अपील करते हुए कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य ही राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है और स्वस्थ बचपन ही सशक्त भारत की आधारशिला है। उन्होंने दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार के नारे को दोहराते हुए इसे आने वाली पीढ़ियों को आजीवन स्वस्थ रखने का एक राष्ट्रीय संकल्प बताया।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने वर्षों के सतत प्रयासों, जनभागीदारी और स्वास्थ्यकर्मियों की अथक मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि अब इस उपलब्धि को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास के हर बच्चे को पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं। यदि कोई बच्चा किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाता है, तो घर-घर आने वाली स्वास्थ्य विभाग की टीम को इसकी जानकारी दें। अभियान में जुटे डॉक्टरों, मितानिनों, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के समर्पित प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि जनसहभागिता के बल पर छत्तीसगढ़ अपनी पोलियोमुक्त पहचान को हमेशा सुदृढ़ बनाए रखेगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में अभिभावकों को बच्चों के नियमित टीकाकरण और समग्र स्वच्छता के प्रति भी जागरूक किया गया।

इस तीन दिवसीय (28 से 30 जून 2026) अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में करीब 36 लाख (35 लाख 98 हजार 904) बच्चों को पोलिया की खुराक पिलाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने राज्य के सभी 33 जिलों में इसके लिए व्यापक इंतजाम किए हैं, जिसके तहत पूरे प्रदेश में 14 हजार 396 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। पहले दिन बूथ पर दवा पिलाने के बाद, 29 और 30 जून को 28 हजार 791 टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को कवर करेंगी। इस कार्य में 57 हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्मी और स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। विभाग का विशेष ध्यान दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों, शहरी मलिन बस्तियों, ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों और घुमंतू समुदायों के बच्चों तक पहुंच बनाने पर है, ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे।

राष्ट्रीयस्तर पर देखें तो इस व्यापक अभियान के अंतर्गत देशभर में लगभग 17 करोड़ बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य है। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों के भ्रम को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि बच्चे को हाल ही में कोई अन्य टीका लगा हो, या उसे हल्की सर्दी, खांसी या सामान्य बुखार हो, तब भी पोलियो की खुराक पूरी तरह सुरक्षित है और इसे अवश्य दिया जाना चाहिए। पोलियोमुक्त भारत के इस महाआंदोलन को सफल बनाने के लिए प्रत्येक परिवार की सक्रिय सहभागिता अनिवार्य है, ताकि देश के सुरक्षित भविष्य की नींव को और मजबूत किया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

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