कांकेर के थाना-चौकी प्रभारियों व विवेचकों काे मिले 183 मोबाइल डाटा टर्मिनल डिवाइस
कांकेर, 13 जुलाई (हि.स.)। जिले के पुलिस अधीक्षक निखिल कुमार राखेचा के नेतृत्व में नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देने की दिशा में कांकेर पुलिस ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए आज साेमवार काे जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों तथा विवेचकों को कुल 183 मोबाइल डाटा टर्मिनल डिवाइस वितरित किए गए।
इस पहल का उद्देश्य विवेचना प्रक्रिया को डिजिटल, वैज्ञानिक, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न पुलिस अनुविभागों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीमाल, योगेश कुमार साहू, आशीष बंछोर, राकेश कुमार कुर्रे एवं अन्य राजपत्रित अधिकारियों की उपस्थिति में इन डिवाइसों का वितरण किया गया।
अब विवेचक घटनास्थल पर पहुंचते ही मोबाइल डाटा टर्मिनल के माध्यम से फोटो, वीडियो, गवाहों के बयान, जब्ती संबंधी दस्तावेज, केस डायरी से जुड़ी जानकारी और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य तत्काल ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे। इससे साक्ष्यों के सुरक्षित संरक्षण के साथ-साथ विवेचना में होने वाली अनावश्यक देरी भी कम होगी और वरिष्ठ अधिकारी प्रकरणों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर सकेंगे।
इस अवसर पर जिले के सभी पुलिस अनुविभागों में ई-साक्ष्य विषय पर विस्तृत प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों और विवेचकों को डिजिटल साक्ष्यों के संकलन, संरक्षण, विश्लेषण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की वैधानिक जब्ती, साइबर अपराधों की जांच, डिजिटल साक्ष्यों की प्रमाणिकता बनाए रखने तथा न्यायालय में उनकी स्वीकार्यता से जुड़े कानूनी और व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। साथ ही नवीन आपराधिक कानूनों के अनुरूप डिजिटल माध्यमों के अधिकतम उपयोग का प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
पुलिस अधीक्षक निखिल कुमार राखेचा ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग की पहचान तकनीक आधारित, वैज्ञानिक और समयबद्ध विवेचना है। उन्होंने सभी विवेचकों से आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग करते हुए गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित करने का आह्वान किया, ताकि पीडि़तों को शीघ्र न्याय मिल सके और अपराधियों के विरुद्ध न्यायालय में मजबूत अभियोजन प्रस्तुत किया जा सके।कांकेर पुलिस का मानना है कि मोबाइल डाटा टर्मिनल के उपयोग से विवेचना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनेगी। इससे न केवल मामलों के त्वरित निराकरण में सहायता मिलेगी, बल्कि आम नागरिकों को भी तेज, बेहतर और तकनीक आधारित पुलिस सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

