प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण): सेमरा पंचायत में सम्मान, सुरक्षा और विकास की नई कहानी
जांजगीर-चांपा, 06 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने विकासखंड नवागढ़ के ग्राम पंचायत सेमरा में केवल पक्के मकान ही नहीं बनाए, बल्कि ग्रामीण जीवन को सम्मान, स्थायित्व और आत्मविश्वास भी दिया है। यह योजना “सबके लिए आवास” के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए पंचायत के समग्र विकास की मजबूत नींव रख रही है।
ग्राम पंचायत सेमरा के निवासी देवारू कुर्रे, पिता कोंदाराम कुर्रे, का नाम आवास प्लस की स्थायी प्रतीक्षा सूची में वित्तीय वर्ष 2024-25 में दर्ज हुआ। इससे पहले वे पत्नी और बच्चों के साथ कच्चे खप्पर के मकान में रहते थे, जहाँ बरसात में पानी भर जाना आम बात थी। ग्राम सभा से अनुमोदन उपरांत सरपंच, सचिव एवं पंचायत अमले के सहयोग से आवश्यक दस्तावेज जमा किए गए और योजना का लाभ सुनिश्चित हुआ। योजना अंतर्गत 1.20 लाख की वित्तीय सहायता, मनरेगा के माध्यम से 21,870 की मजदूरी राशि तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से 12,000 शौचालय निर्माण हेतु प्राप्त हुए। पंचायत, रोजगार सहायक एवं तकनीकी अमले के मार्गदर्शन में उनका आवास समयबद्ध रूप से पूर्ण हुआ। आज देवारू कुर्रे का परिवार स्वच्छ, सुरक्षित और रोशनी से भरे पक्के घर में रह रहा है। उनका कहना है कि “अब हमारे बच्चों को बरसात में भीगना नहीं पड़ता। यह घर हमें सम्मान और सुरक्षा दोनों देता है।”
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने सेमरा पंचायत में बहुआयामी परिवर्तन को गति दी है। घरों के निर्माण से स्थानीय मजदूरों, राजमिस्त्रियों और सामग्री विक्रेताओं को रोजगार मिला, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त हुई। प्रत्येक आवास के साथ शौचालय और स्वच्छता सुविधाओं ने स्वास्थ्य मानकों में सुधार किया और खुले में शौच की समस्या में उल्लेखनीय कमी आई। महिलाओं के नाम पर आवास स्वामित्व से सामाजिक सम्मान और आत्मनिर्भरता बढ़ी।
आवेदन से भुगतान तक डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया ने पंचायतों में तकनीकी जागरूकता बढ़ाई और पारदर्शिता सुनिश्चित की। साथ ही, स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना और नल-जल योजना जैसे कार्यक्रमों के समन्वय से पंचायत एक आदर्श ग्राम की ओर अग्रसर हुई। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने यह सिद्ध किया है कि घर केवल ईंट-छत नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

