बलरामपुर : योजनाओं की धीमी प्रगति पर कलेक्टर नाराज

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बलरामपुर : योजनाओं की धीमी प्रगति पर कलेक्टर नाराज


बलरामपुर, 03 अगस्त (हि.स.)। समय-सीमा की बैठक में आज सोमवार कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। योजनाओं की धीमी प्रगति पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को काम में तेजी लाने और पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ देने के निर्देश दिए।

संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में हुई बैठक में एग्रीस्टैक पंजीयन, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, पीजी पोर्टल, जनशिकायत और अन्य योजनाओं की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

सरस्वती साइकिल योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने छात्राओं को समय पर साइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वितरण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। स्कूलों में किचन गार्डन निर्माण की भी समीक्षा करते हुए भूमि, बाउंड्री और पानी की व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करने को कहा।

उचित मूल्य दुकानों में चावल के भंडारण की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने चावल उत्सव से पहले सभी दुकानों में शत-प्रतिशत भंडारण पूरा करने के निर्देश दिए।

एग्रीस्टैक पंजीयन की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने विशेष नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिन किसानों का आधार मोबाइल नंबर से लिंक नहीं है, उनके लिए विशेष आधार शिविर लगाए जाएं। शिविरों की जानकारी मुनादी के माध्यम से किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों का पंजीयन भी जल्द पूरा करने को कहा गया।

कलेक्टर ने सभी कार्यालयों में ई-फाइल प्रणाली लागू करने और भौतिक फाइलों का उपयोग बंद कर शासकीय कार्य ई-फाइल के माध्यम से करने के निर्देश दिए। ई-अटेंडेंस की समीक्षा करते हुए अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचकर उपस्थिति दर्ज करने को कहा।

मौसम और संभावित जलभराव की स्थिति को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, टीएल प्रकरण, पीजी पोर्टल और जनशिकायत से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे। आवेदकों को वास्तविक राहत मिले और सभी प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

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