धमतरी में पेट्रोल-डीजल सप्लाई प्रभावित, कई पंपों पर स्टाक खत्म की तख्ती
धमतरी, 14 मई (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अब पेट्रोल-डीजल सप्लाई पर भी असर दिखाई देने लगा है। प्रदेश के साथ-साथ धमतरी जिले में भी ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। पिछले दो दिनों से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कई पेट्रोल पंपों में पेट्रोल-डीजल खत्म होने की तख्ती लगाकर पंप बंद किए जा रहे हैं, जिससे वाहन चालकों की चिंता बढ़ गई है।
बुधवार की तरह ही गुरूवार को भी धमतरी शहर के रत्नाबांधा रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पूरे दिन बंद रहा। यहां पेट्रोल-डीजल उपलब्ध नहीं होने की सूचना बोर्ड पर लगाई गई थी। इसी तरह नगरी-धमतरी मार्ग पर ग्राम अछोटा के पास स्थित पेट्रोल पंप में भी ईंधन खत्म होने के कारण सप्लाई बंद रही। वहीं पड़ोसी जिला बालोद के गुरूर क्षेत्र में भी कुछ पंपों पर पेट्रोल नहीं मिलने से वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि जिले में पेट्रोल-डीजल वितरण व्यवस्था पूरी तरह ठप नहीं हुई है, लेकिन सप्लाई प्रभावित होने से कई पंप संचालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार, मांग के अनुरूप सप्लाई नहीं मिल पा रही है। जहां तीन टैंकर की जरूरत है, वहां केवल एक टैंकर ही उपलब्ध कराया जा रहा है। कई बार एक-दो दिन के अंतराल में सप्लाई मिल रही है, जिससे स्टॉक खत्म होने की स्थिति बन रही है। संचालकों ने बताया कि जिनके पास खुद के टैंकर हैं, उन्हें अपेक्षाकृत जल्दी सप्लाई मिल जा रही है, जबकि ट्रांसपोर्टर पर निर्भर पंपों को टैंकर पहुंचने में तीन से चार दिन तक लग रहे हैं। यही कारण है कि कुछ पेट्रोल पंपों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ रहा है। इस बीच प्रशासन ने भी डीजल वितरण को लेकर निर्देश जारी किए हैं। पंप संचालकों के अनुसार 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं देने के निर्देश हैं, जबकि सरकारी वाहनों के लिए 3500 से 4000 लीटर तक स्टाक सुरक्षित रखने कहा गया है। उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद जनप्रतिनिधियों ने भी ईंधन बचत का संदेश देना शुरू कर दिया है। नगर निगम धमतरी के महापौर रामू रोहरा ई-रिक्शा से निगम कार्यालय पहुंचे, जिसकी शहर में खूब चर्चा रही।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

