धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे वाली पोस्ट शेयर करने पर बलरामपुर के पटवारी पर गिरी गाज, निलंबित

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे वाली पोस्ट शेयर करने पर बलरामपुर के पटवारी पर गिरी गाज, निलंबित


धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे वाली पोस्ट शेयर करने पर बलरामपुर के पटवारी पर गिरी गाज, निलंबित


धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे वाली पोस्ट शेयर करने पर बलरामपुर के पटवारी पर गिरी गाज, निलंबित


बलरामपुर, 29 जुलाई (हि.स.)। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के तहसील डौरा-कोचली में पदस्थ हल्का पटवारी सम्प्रीत एक्का को सोशल मीडिया पर राजनीतिक प्रकृति की पोस्ट साझा करना महंगा पड़ गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से संबंधित एक पोस्ट व्हाट्सएप के माध्यम से प्रचारित करने के मामले में बुधवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बलरामपुर ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

जानकारी के अनुसार, हल्का पटवारी सम्प्रीत एक्का ने 25 जुलाई को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कथित इस्तीफे से संबंधित एक पोस्ट साझा की थी। यह पोस्ट नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रही राजनीतिक बहस से जुड़ी बताई जा रही है। पोस्ट सामने आने के बाद जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई और इसकी शिकायत प्रशासन तक पहुंची।

एसडीएम द्वारा जारी निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि पटवारी द्वारा राजनीतिक गतिविधियों से संबंधित पोस्ट का व्हाट्सएप के माध्यम से प्रचार-प्रसार किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत मिलने के बाद 26 जुलाई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी कर सम्प्रीत एक्का से स्पष्टीकरण मांगा गया था।

प्रशासन के अनुसार, पटवारी द्वारा प्रस्तुत जवाब का परीक्षण किया गया, लेकिन उसे संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद यह माना गया कि उनका कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 5, 6 एवं 9 का उल्लंघन है। इसी आधार पर एसडीएम ने निलंबन की कार्रवाई की।

जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान सम्प्रीत एक्का का मुख्यालय तहसील कार्यालय बलरामपुर निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

इस कार्रवाई के बाद जिले में सरकारी कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग और राजनीतिक विषयों पर सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को शासकीय सेवकों के आचरण नियमों के पालन से जोड़कर देखा जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

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