पाली में चमगादड़ों की मौत का कारण बीमारी नहीं, प्रशासन ने अफवाहों को बताया निराधार

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कोरबा, 26 मई (हि. स.)। कोरबा जिले के नगर पंचायत पाली क्षेत्र स्थित नौकोनिया तालाब के समीप प्रवासी चमगादड़ों की मृत्यु को लेकर सोशल मीडिया सहित कुछ माध्यमों में प्रसारित हो रही भ्रामक और चिंताजनक खबरों का जिला प्रशासन और पशुधन विकास विभाग ने कड़ा खंडन किया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की महामारी या संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका पूरी तरह निराधार है।

पशुधन विकास विभाग द्वारा जारी आधिकारिक जांच प्रतिवेदन के अनुसार विगत तीन दिनों में क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण लगभग 200 चमगादड़ों की मृत्यु हुई है। प्रारंभिक शव परीक्षण में अत्यधिक तापमान (हीट स्ट्रोक) को ही मृत्यु का मुख्य कारण माना गया है। जांच में किसी भी प्रकार के वायरस या संक्रमण के लक्षण नहीं पाए गए हैं।

घटना की सूचना मिलते ही पशुधन विकास विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंच गई थी और स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया। सभी मृत चमगादड़ों का निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विधिवत दफन किया गया, जिससे किसी प्रकार के संक्रमण का खतरा नहीं है। वैज्ञानिक पुष्टि के लिए नमूने एकत्र कर फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में चमगादड़ों की मृत्यु दर में भारी कमी आई है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। वन विभाग और पशु चिकित्सा दल लगातार क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए हैं।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस घटना को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही उन्हें साझा करें। प्रशासन ने कहा है कि यदि किसी भी क्षेत्र में वन्यजीवों की असामान्य गतिविधि या मृत्यु दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि त्वरित और वैज्ञानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

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