कोरबा : ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था से बढ़ी कार्यालयीय अनुशासन और पारदर्शिता
कोरबा 08 जनवरी (हि. स.)। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा एक जनवरी 2026 से समस्त शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए आधार आधारित ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य किए जाने के बाद जिले के सभी कार्यालयों में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। कलेक्ट्रेट कोरबा में स्वयं कलेक्टर कुणाल दुदावत प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से पूर्व ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर कार्यालय पहुंच रहे हैं। कलेक्टर के समयपालन का प्रत्यक्ष प्रभाव अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों पर भी दिखाई दे रहा है और अब अधिकांश कर्मचारी समय से पूर्व कार्यालय पहुंचने लगे हैं।
ऑनलाइन उपस्थितिसिस्टम के लागू होने के बाद विभागीय कार्यों में निर्धारित समय पर गति आने लगी है।
अधिकारियों-कर्मचारियों को कार्यालय आने एवं जाने—दोनों समय अपनी उपस्थिति मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से दर्ज करानी अनिवार्य कर दी गई है। कार्यालयों के निर्धारित लोकेशन को आधार बेस सिस्टम में फीड किया गया है, जिससे उपस्थिति केवल कार्यालय परिसर के आसपास रहते हुए ही लगाई जा सकती है। इससे अनाधिकृत अनुपस्थिति, देरी से आने तथा समय पूर्व कार्यालय छोड़ने जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है।
शासन की इस पारदर्शी व्यवस्था की सर्वत्र सराहना हो रही है। आम नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों की यह प्रमुख शिकायत रहती थी कि कर्मचारी समय पर उपस्थित नहीं रहते और कई अधिकारी दौरे के नाम पर कार्यालय से अनुपस्थित पाए जाते हैं। ऑनलाइन अटेंडेंस के चलते अब ऐसी शिकायतों में भी स्पष्ट कमी आई है और कार्य संस्कृति में सकारात्मक सुधार देखा जा रहा है।
शहर के आमनागरिक परमेश्वर यादव का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेहतरीन पहल की है। यह व्यवस्था बहुत पहले लागू हो जानी चाहिए थी। अस्पताल, तहसील और स्कूल सभी जगह स्थिति खराब होने की शिकायत रहती है। सरकारी अस्पताल में समय पर डॉक्टर नहीं आते हैं, नर्स भी नहीं रहती। तहसील में बाबू नहीं आया होता है और अन्य कार्यालयों में भी किसी काम से जाने पर मालूम होता है कि वे नहीं हैं। अब ऑनलाइन अटेंडेंस से व्यवस्था में सुधार होगा। उनकी मांग है कि सभी ऑफिस में सीसीटीवी भी लगानी चाहिए।
इस संबंध में जिला जनसंपर्क अधिकारी कमलज्योति ने गुरुवार काे बताया कि आधार बेस ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था न केवल समयपालन को बढ़ावा देती है, बल्कि विभागीय कार्यों की निरंतरता एवं पारदर्शिता को भी सुदृढ़ करती है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा नियुक्त अधिकारियों-कर्मचारियों का दायित्व है कि वे निर्धारित समयानुसार कार्यालय पहुंचे और आमजन से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करें।
हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

