जांजगीर-चांपा : पुलिस लाइन में ई-साक्ष्य व सीसीटीएनएस 2.0 पर एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

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जांजगीर-चांपा : पुलिस लाइन में ई-साक्ष्य व सीसीटीएनएस 2.0 पर एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न


जांजगीर चांपा, 21 फरवरी (हि.स.)। जांजगीर-चांपा पुलिस द्वारा नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सीसीटीएनएस 2.0 की तैयारी के संबंध में पुलिस लाइन जांजगीर के प्रशिक्षण हाल में आज शनिवार को एक दिवसीय विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में ई-साक्ष्य, ई-समंस, ई-एफएसएल, ई-प्रॉसीक्यूशन (मॉड्यूल एपीआर), Medl-ए-पीआर तथा NATGRID जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल मॉड्यूल पर विस्तार से जानकारी दी गई।

यह प्रशिक्षण पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में 21 फरवरी 2026 को आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी, विवेचना अधिकारी तथा सीसीटीएनएस ऑपरेटर आरक्षक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य अनुसंधान कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाना रहा।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप ने उपस्थित अधिकारियों को मॉड्यूल की बारीकियों, समयबद्ध अद्यतन की अनिवार्यता तथा गुणवत्तापूर्ण विवेचना पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी थाना स्तर पर प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

प्रशिक्षण में ई-साक्ष्य मॉड्यूल के अंतर्गत प्रकरणों से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों जैसे वीडियो, फोटो एवं दस्तावेजों के सुरक्षित अपलोड, संरक्षित भंडारण तथा न्यायालयीन उपयोग की प्रक्रिया समझाई गई। ई-समंस प्रणाली के तहत न्यायालय से प्राप्त समंस एवं वारंट की ऑनलाइन प्राप्ति, तामिली की प्रविष्टि एवं समयबद्ध प्रतिवेदन की जानकारी दी गई।

ई-एफएसएल मॉड्यूल में फॉरेंसिक नमूनों की ऑनलाइन प्रविष्टि, ट्रैकिंग एवं रिपोर्ट प्राप्ति की डिजिटल प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। वहीं ई-प्रॉसीक्यूशन (मॉड्यूल एपीआर) के माध्यम से अभियोजन शाखा के साथ समन्वय, केस डायरी एवं दस्तावेजों के ऑनलाइन आदान-प्रदान तथा लंबित प्रकरणों की मॉनिटरिंग पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। Medl-ए-पीआर मॉड्यूल के अंतर्गत थानों से डॉक्टर को ऑनलाइन एमएलसी एवं पीएम फॉर्म प्रेषित करने की प्रक्रिया समझाई गई।

प्रशिक्षण के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया और अधिकारियों व सीसीटीएनएस आरक्षकों को हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल अभ्यास भी कराया गया। साथ ही सामान्य त्रुटियों, डेटा एंट्री में सावधानियों एवं साइबर सुरक्षा से संबंधित आवश्यक निर्देश भी दिए गए।

कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों एवं सीसीटीएनएस आरक्षकों की शंकाओं का समाधान किया गया। पुलिस विभाग ने भविष्य में भी ऐसे तकनीकी प्रशिक्षण नियमित रूप से आयोजित करने की बात कही, ताकि पुलिस कार्यप्रणाली और अधिक सुदृढ़ एवं परिणामोन्मुखी बन सके।

हिन्दुस्थान समाचार/ लालिमा शुक्ला पुरोहित

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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT

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