महापौर की पहल पर कलेक्टर ने दलपत सागर को जलकुंभी मुक्त करने समिति गठित की

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महापौर की पहल पर कलेक्टर ने दलपत सागर को जलकुंभी मुक्त करने समिति गठित की


जगदलपुर, 24 सितंबर (हि.स.)। नगर पालिक निगम के एमआईसर की मांग पर जिला प्रशासन ने दलपत सागर की सफाई एवं जलकुंभी निष्कासन के लिए सीएसआर मद से उपलब्ध 49.95 लाख रुपये की राशि से होने वाले कार्यों की सतत निगरानी के लिए निगरानी समिति का गठन किया है। इस निगरानी व्यवस्था के गठन की पहल महापौर संजय पांडे ने की थी।

महापौर ने कलेक्टर आकाश छिकारा से मुलाकात कर दलपत सागर की स्वच्छता एवं जलकुंभी निष्कासन कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक निगरानी समिति गठित करने की सिफारिश की थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों, जनप्रतिनिधियों, पर्यावरण विशेषज्ञों, मीडिया और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए समिति का गठन किया है। समिति समय-समय पर दलपत सागर पहुंचकर सफाई कार्यों की प्रगति, जलकुंभी निष्कासन, गुणवत्ता और कार्य की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करेगी। समिति का उद्देश्य कार्यों का सतत अनुश्रवण, पारदर्शी क्रियान्वयन और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

जिला प्रशासन द्वारा गठित समिति में अपर कलेक्टर, डीएसपी चन्द्रहास सिन्हा, नगर निगम आयुक्त द्वारा नामित प्रतिनिधि, स्वच्छता समिति अध्यक्ष लक्ष्मण झा, पार्षद राकेश मौर्य, पार्षद कुबेर देवांगन, पार्षद पारुल बोथरा, एनएमडीसी एजीएम विनोद पाण्डे, मीडिया प्रतिनिधि मनीष गुप्ता, इंद्रावती बचाओ अभियान/दलपत सागर बचाओ समिति के प्रतिनिधि किशोर पारख, पर्यावरण विशेषज्ञ एवं उद्यानिकी कॉलेज के डीन जीपी नाग, नगर निगम आयुक्त तथा बस्तर चैंबर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष श्याम सोमानी को शामिल किया गया है।

महापौर संजय पांडे ने समिति के सदस्यों काे शुभकामनाएं देते हुए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए महापौर ने समिति में जनभागीदारी, जनप्रतिनिधि, पर्यावरणविद, गणमान्य नागरिक, कांग्रेस एवं निर्दलीय पार्षद , प्रशासन एवं एनएमडीसी के अधिकारी शामिल होकर संतुलित समिति बनने पर उन्हाेने कहा कि दलपत सागर केवल नगर निगम की संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे शहर की पहचान और धरोहर है। इसे जलकुंभी मुक्त करना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि “दलपत सागर को पूरी तरह जलकुंभी मुक्त कर स्वच्छ और सुंदर स्वरूप देना हमारा लक्ष्य है। इसके साथ ही सफाई कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी हमारी प्राथमिकता है। स्वीकृत राशि का निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप उपयोग हो और कार्य की वास्तविक प्रगति धरातल पर दिखाई दे, इसके लिए निगरानी समिति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। महापौर ने कहा कि समिति के नियमित निरीक्षण से सफाई कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति पर लगातार नजर रहेगी। दलपत सागर का अभियान अब सिर्फ जलकुंभी हटाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके संरक्षण और बेहतर प्रबंधन की दिशा में भी आगे बढ़ेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

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