एनटीपीसी कोरबा ने बालिका सशक्तिकरण अभियान 2026 की परिवर्तनकारी सफलता का मनाया उत्सव

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एनटीपीसी कोरबा ने बालिका सशक्तिकरण अभियान 2026 की परिवर्तनकारी सफलता का मनाया उत्सव


कोरबा, 16 जून (हि.स.)। एनटीपीसी कोरबा ने अपने प्रमुख नैगम सामाजिक दायित्व के तहत संचालित बालिका सशक्तिकरण अभियान 2026 के सातवें संस्करण का सफलतापूर्वक समापन आज एक भव्य समारोह के साथ किया। यह आयोजन आसपास के गांवों की 123 बालिकाओं की सीख, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और समग्र विकास की एक माह लंबी प्रेरणादायक यात्रा का उत्सव था।

कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथियों द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन एवं एनटीपीसी गीत के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रतिभागियों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों, रचनात्मक परियोजनाओं तथा विभिन्न शिक्षण उपलब्धियों की प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। प्रदर्शनी ने कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं में विकसित हुई रचनात्मकता, कौशल और आत्मविश्वास को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया।

अतिथियों का स्वागत करते हुए के.सी. पात्रा, बिजनेस यूनिट हेड, एनटीपीसी कोरबा ने बालिका सशक्तिकरण अभियान की वर्षों में हुई उल्लेखनीय प्रगति और समुदाय की बालिकाओं के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कुछ सप्ताह पूर्व 41 विद्यालयों तथा 36 गांवों एवं शहरी वार्डों से आई बालिकाएं इस अभियान से जिज्ञासा, उत्साह और सपनों के साथ जुड़ी थीं, जबकि आज वे आत्मविश्वास, ज्ञान और आशा की सशक्त दूत बनकर अपने घरों को लौट रही हैं। उन्होंने बालिकाओं को अपने सपनों पर विश्वास बनाए रखने तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा बनने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण बालिका सशक्तिकरण अभियान 2026 की डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन रहा, जिसमें पूरे एक माह के दौरान आयोजित गतिविधियों, सीखने के अनुभवों तथा प्रतिभागियों के प्रेरणादायक बदलावों को दर्शाया गया। उपस्थित जनसमूह उस समय भावुक हो उठा जब दो प्रतिभागी बालिकाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम ने उनके आत्मविश्वास, संवाद कौशल और भविष्य के सपनों को नई दिशा प्रदान की है।

कार्यक्रम की शुरुआत गणेश एवं सरस्वती वंदना से हुई, जिसके बाद आत्मरक्षा प्रदर्शन, योग प्रस्तुति और आकर्षक यूवी प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। “प्राइड ऑफ इंडिया” विषय पर आधारित विशेष प्रस्तुति में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय पहचान को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसमें राष्ट्रीय पुष्प कमल, राष्ट्रीय पक्षी मोर, खेल विरासत के प्रतीक हॉकी, जीवन एवं सतत विकास के प्रतीक राष्ट्रीय वृक्ष बरगद, तथा राष्ट्रीय पशु बाघ को प्रभावशाली रूप से दर्शाया गया।

अपने संबोधन में श्री पात्रा ने कहा कि आज का दिन केवल एक कार्यक्रम के समापन का अवसर नहीं है, बल्कि 123 नई यात्राओं की शुरुआत का प्रतीक है, जो सपनों, अवसरों और उपलब्धियों से भरे भविष्य की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने बालिकाओं को संदेश देते हुए कहा कि वे अपने सपनों को कभी छोटा न समझें तथा कठिन परिस्थितियों में भी अपने आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प को बनाए रखें। उन्होंने मैत्री महिला समिति, मार्गदर्शकों, प्रशिक्षकों, स्वयंसेवकों, सीआईएसएफ कर्मियों, विद्यालय प्रबंधन, स्वास्थ्य विशेषज्ञों तथा आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें इस अभियान की सफलता का प्रमुख आधार बताया।

बालिका सशक्तिकरण के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि “हर सशक्त बालिका अपने परिवार की शक्ति, अपने समुदाय की प्रेरणा और राष्ट्र की प्रगति की भागीदार बनती है।”

उन्होंने कहा कि बालिकाओं का सशक्तिकरण एक मजबूत समाज और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा एनटीपीसी इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

बालिका सशक्तिकरण अभियान 2026 का सफल समापन एक बार फिर एनटीपीसी कोरबा की बालिका सशक्तिकरण, नेतृत्व विकास और समावेशी सामुदायिक प्रगति के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ऐसे अभियानों के माध्यम से एनटीपीसी कोरबा बालिकाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने, अपने सपनों को साकार करने और आत्मविश्वासी, जिम्मेदार एवं सशक्त नागरिक के रूप में विकसित होने के अवसर प्रदान कर रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

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