निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाही पर होगी कार्रवाई : कलेक्टर

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निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाही पर होगी कार्रवाई : कलेक्टर


निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाही पर होगी कार्रवाई : कलेक्टर


जांजगीर-चांपा, 24 अप्रैल (हि. स.)। जिले में ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने आज शुक्रवार को पंचायत सचिवों, तकनीकी सहायकों और रोजगार सहायकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनपद पंचायत पामगढ़ के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने साफ कहा कि ग्राम पंचायत ग्रामीण विकास की मूल इकाई है और यहां किए जा रहे कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है।

बैठक के दौरान ग्राम पंचायत ससहा में निर्माणाधीन मंच के कार्य में गुणवत्ताहीनता पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए संबंधित आरईएस उप अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर भी असंतोष व्यक्त किया और सभी अधूरे व अप्रारंभ कार्यों को तत्काल शुरू कर निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि लापरवाही या अनदेखी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि यदि कहीं भी अनियमितता की शिकायत मिलती है तो तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर महोबे ने आगामी “सुशासन तिहार” के तहत एक मई से 10 जून 2026 तक जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह बनाकर शिविर लगाए जाएंगे, जहां आम जनता की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जाएगा। शिविरों में छाया, पेयजल और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने अधिकारियों को शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक गांव के लिए सुनियोजित और समयबद्ध 5 वर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि इस योजना में पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, सड़क और सिंचाई जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को विशेष रूप से शामिल किया जाए। साथ ही ग्राम सभाओं और स्थानीय निकायों की सहभागिता सुनिश्चित कर वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन करने को कहा गया।

जल संरक्षण को लेकर कलेक्टर ने विशेष जोर देते हुए अधिक से अधिक जल संरचनाओं जैसे सोक पिट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, डबरी, चेकडैम और नवा तरिया के निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसमें जनभागीदारी बेहद जरूरी है।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने, फील्ड में जाकर निरीक्षण करने और हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को धरातल पर प्रभावी रूप से दिखना चाहिए। बैठक में सीईओ गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर आरके तंबोली, पामगढ़ सीईओ मणिशंकर कौशिक सहित अन्य विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार/ लालिमा शुक्ला पुरोहित

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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT

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