‘निदान-03’ शिविर से मंगलू राम साहू के जीवन में जगी आत्मनिर्भरता की नई उम्मीद
तालाब में डूबने की घटना में गंवाया था पैर, अब जयपुर पैर से आसान होगी जिंदगी की राह
धमतरी, 11 अक्टूबर (हि.स.)। हादसे के बाद जीवन की राह कठिन हो जाए, तब समय पर मिली मदद नई उम्मीद बन सकती है। धमतरी जिले के ग्राम सोरम निवासी मंगलू राम साहू की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। तालाब में डूबने की घटना में अपना पैर गंवाने के बाद उन्हें चलने-फिरने के लिए बैसाखी का सहारा लेना पड़ता था। रोजमर्रा के कामों में आने वाली परेशानियों के बीच धमतरी के इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘निदान-03’ विशेष शिविर उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आया।
शिविर में उन्हें जयपुर पैर उपलब्ध कराया गया है, जिससे अब उनके जीवन में आत्मनिर्भरता की नई राह खुलने की उम्मीद जगी है। मंगलू राम साहू बताते हैं कि हादसे के बाद उनकी दिनचर्या काफी बदल गई थी। चलने-फिरने से लेकर दैनिक कार्यों तक में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था और कई बार दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। ऐसे में कृत्रिम पैर मिलने की सुविधा उनके लिए बड़ी राहत लेकर आई है। ग्राम पंचायत के सरपंच के माध्यम से उन्हें ‘निदान-03’ शिविर की जानकारी मिली। इसके बाद वे धमतरी के इंडोर स्टेडियम पहुंचे, जहां उनकी जरूरत के अनुरूप परीक्षण और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें जयपुर पैर प्रदान किया गया। अब उन्हें उम्मीद है कि इसके सहारे वे अधिक सहजता से चल-फिर सकेंगे और अपने दैनिक कार्यों को स्वयं करने की दिशा में आगे बढ़ पाएंगे। उनके लिए यह केवल एक कृत्रिम अंग नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और स्वतंत्र जीवन की ओर बढ़ने का माध्यम है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग एवं भगवान महावीर दिव्यांग सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय जिलास्तरीय ‘निदान-03’ शिविर दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण पहल बना। शिविर में जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग, कैलिपर्स, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र सहित विभिन्न सहायक उपकरण प्रदान किए गए। वरिष्ठ नागरिकों की आंखों और कानों की जांच कर आवश्यकतानुसार चश्मे एवं श्रवण संबंधी उपकरणों की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। इसके साथ ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र, विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी), बस पास और एम-आधार कार्ड जैसी सुविधाएं भी एक ही स्थान पर मुहैया कराई गईं।
शिविर का उद्देश्य केवल सहायक उपकरण बांटना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों को समझकर उनके जीवन को अधिक सुगम बनाना और उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर प्रोत्साहित करना है। मंगलू राम साहू के जीवन में जगी नई उम्मीद इस बात को रेखांकित करती है कि समय पर सहायता और संवेदनशील पहल किसी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव का आधार बन सकती है। सेवा संकल्प अभियान की भावना भी यही है कि जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाकर उन्हें सम्मान के साथ जीवन जीने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

