जगदलपुर : चार नक्सलियों को एनआईए न्यायालय बस्तर ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

किसी भी नक्सली मामले में पहली बार हुई इतनी बड़ी सजा, जिसमें 06 नक्सली अब भी हैं फरार

जगदलपुर, 13 फरवरी (हि.स.)। एनआईए न्यायालय बस्तर ने मंगलवार को सुकमा जिले के टहकवाड़ा में दस वर्ष पहले हुए नक्सली हमले में गिरफ्तार चार नक्सलियों कवासी जोगा, दयाराम बघेल, मनीराम कोर्राम व महादेव नाग को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब किसी भी नक्सली मामले में इतनी बड़ी सजा दी गई हो, अन्यथा सबूतों एवं गवाहों के अभाव में अक्सर नक्सली मामले के आरोपित दोषमुक्त होते रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि पुलिस के अनुसार इस मामले के मुख्य आरोपित सोना सोढ़ी ने अपने 10 साथियों के साथ गश्ती पुलिस पर घात लगा कर हमला किया था। इस हमले में 15 जवान व एक ग्रामीण शहीद हुये थे और कुछ घायल भी हुए थे। मामले के 10 में से 04 नक्सलियों को ही सजा हो पाई है। मामले में शेष 06 नक्सली अब भी फरार बताए गए हैं, जिनके खिलाफ एनआईए न्यायालय बस्तर से स्थाई वारंट जारी है।

गौरतलब है कि 11 मई 2014 को सर्चिंग पर निकले जवानों को ग्राम टहकवाड़ा के करीब एम्बुश में फंसाकर नक्सलियों ने हमला किया था। इस हमले में सीआरपीएफ के 15 जवान शहीद हो गए थे। वहीं गोलीबारी की जद में आए एक ग्रामीण की भी मौत हो गई थी। इस हमले के दो वर्ष बाद 2016 में चार आरोपित कवासी जोगा, दयाराम बघेल, मनीराम कोर्राम व महादेव नाग को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले को जांच के लिए एनआईए के सुपुर्द कर दिया गया था। मामले की सुनवाई एनआईए न्यायालय में वर्ष 2016 में शुरू हुआ था। सुनवाई के दौरान 84 गवाहों के बयान के बाद सोमवार को एनआईए न्यायालय ने अपना निर्णय सुनाते हुए चारों आरोपितों को उम्र कैद की सजा सुनाई है।

मामले में पैरवी कर रहे केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (एनआईए) नई दिल्ली द्वारा नियुक्त अधिवक्ता दिनेश पानिग्राही ने बताया कि इस मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी वर्ष 2016 में हुई थी। जब से चारों आरोपित सेण्ट्रल जेल जगदलपुर में बंद है। इन चारों आरोपियों को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास, धारा 307 के तहत 07 वर्ष की सजा, 120 बी में आजीवन कारावास, 25 आर्म्स एक्ट में 01 वर्ष, 27 आर्म्स एक्ट में 03 वर्ष, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 व 4 में आजीवन कारावास, विधि विरुद्व क्रिया कलाप अधिनियम की धारा 16 में आजीवन कारावास व धारा 18 में 05 वर्ष समेत अन्य धाराओं में अलग-अलग सजा व जुर्माना लगाया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार/राकेश पांडे

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