कोरबा : राशन वितरण में लापरवाही पर सख्ती, कलेक्टर ने एसडीएम को समीक्षा और कार्रवाई के निर्देश दिए

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कोरबा : राशन वितरण में लापरवाही पर सख्ती, कलेक्टर ने एसडीएम को समीक्षा और कार्रवाई के निर्देश दिए


कोरबा, 24 फरवरी (हि. स.)। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज मंगलवार को समय-सीमा की बैठक लेकर जिले में संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं और विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति तेज करने, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

कलेक्टर ने शासकीय उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न वितरण में अनियमितता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए खाद्य विभाग को निर्देश दिया कि राशन दुकानों में खाद्यान्न का समय पर भंडारण और हितग्राहियों को नियमित वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी एसडीएम को खाद्य निरीक्षकों की बैठक लेकर वितरण व्यवस्था की समीक्षा करने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। राशन के गबन के मामलों में सख्त कदम उठाने को भी कहा गया।

बैठक में कलेक्टर ने जिले के पीएमश्री विद्यालयों की गुणवत्ता सुधार पर भी जोर दिया। उन्होंने नियुक्त नोडल अधिकारियों को विद्यालयों का भ्रमण कर उपलब्ध सुविधाओं का मूल्यांकन करने, आवश्यकताओं की सूची तैयार करने और सुधार संबंधी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी जरूरतों के आधार पर विद्यालयों को उत्कृष्ट बनाने की योजना तैयार की जाए।

ग्रीष्म ऋतु में शुरू होने वाले तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य को लेकर कलेक्टर ने वन विभाग को सात दिनों के भीतर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने संग्राहकों का सर्वे, कार्ड वितरण, बीमा, फड़ मुंशी और अभिरक्षकों की नियुक्ति समय पर सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक 48 घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन भुगतान करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर 15 अप्रैल से पहले शासन को भेजने के निर्देश दिए। इस योजना में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, कृषि, पशुपालन, ईको-पर्यटन, होमस्टे और विशेष पिछड़ी जनजातियों के बसाहट क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा गया।

डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नेटवर्क-विहीन क्षेत्रों में मोबाइल टावर स्थापना की जानकारी 5 मार्च तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। नगरीय निकायों को पीएम स्वनिधि योजना के लंबित ऋण प्रकरण 28 फरवरी तक स्वीकृत करने, कृषि विभाग को लंबित ई-केवाईसी सात दिनों में पूर्ण करने और पेयजल की समस्या वाले गांवों में हैंडपंप स्थापना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को आयुष्मान कार्ड, वयोवंदन कार्ड और आभा आईडी बनाने के लिए शिविर आयोजित करने तथा सिकलसेल, डायबिटीज और अन्य बीमारियों की जांच सुनिश्चित करने को कहा गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने और जियो-टैगिंग के बाद हितग्राहियों के खातों में राशि समय पर जमा करने के निर्देश दिए। पीएम जनमन योजना के आवास 31 मार्च तक पूर्ण करने और शहरी क्षेत्रों में स्वीकृत आवासों का निर्माण जल्द शुरू करने को कहा गया।

इसके अलावा समाज कल्याण विभाग को जिले में अत्याधुनिक वृद्धाश्रम स्थापित करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने डीएमएफ योजनाओं से संबंधित शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर जारी करने और अवैध उत्खनन पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

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