नवोदय में अटल टिंकरिंग लैब का शुभारंभ
बलरामपुर, 17 सितंबर (हि.स.)। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय टांगरमहरी में आज गुरुवार को अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) और मल्टी-फाउंडेशनल स्किल लैब का शुभारंभ किया गया। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने दोनों लैब का विधिवत शुभारंभ करने के बाद विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए तकनीकी और वैज्ञानिक मॉडलों का अवलोकन किया।
विद्यार्थियों ने रेन डिटेक्टर, स्मार्ट डस्टबिन, लेजर सिक्योरिटी सिस्टम, वायरलेस पावर ट्रांसफर, टच सेंसर, क्लैप सर्किट, डिजिटल मल्टीमीटर, आर्डुइनो आधारित ऑब्स्टेकल डिटेक्शन सिस्टम और ऑडिटरी रोबोट सहित विभिन्न प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों से उनके मॉडल की कार्यप्रणाली और उसके पीछे की समस्या के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ बताया कि उनके प्रोजेक्ट किस तरह काम करते हैं और उनका उपयोग किन परिस्थितियों में किया जा सकता है। विद्यार्थियों के नवाचार और प्रस्तुति से प्रभावित कलेक्टर ने उनकी सराहना की और कहा कि ऐसे प्रयास बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के साथ उन्हें समस्याओं के समाधान के लिए नए तरीके खोजने के लिए प्रेरित करते हैं।
मल्टी-फाउंडेशनल स्किल लैब में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ विभिन्न जीवनोपयोगी कौशलों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लैब में कुकिंग सहित अन्य गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इस दौरान विद्यार्थियों ने रागी और अन्य मोटे अनाज से तैयार व्यंजन कलेक्टर एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों को परोसे।
लैब के शुभारंभ के बाद कलेक्टर की अध्यक्षता में विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्राचार्य ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 की प्रगति, शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की स्थिति तथा परीक्षा परिणाम की जानकारी दी। बताया गया कि विद्यालय का परीक्षा परिणाम 90 प्रतिशत से अधिक रहा है। पीएम श्री योजना के तहत विद्यालय की सभी कक्षाओं को स्मार्ट क्लास में परिवर्तित किया गया है।
कलेक्टर ने विद्यालय के परीक्षा परिणाम को शत-प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर मिलना जरूरी है।
बैठक में पालक प्रतिनिधियों से भी विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर सुझाव लिए गए। पालकों ने बच्चों को मिल रही शिक्षा पर संतोष जताते हुए विद्यालय तक अधूरे पहुंच मार्ग को पूरा कराने की मांग रखी। इसके अलावा पालकों के विद्यालय आने पर बैठने के लिए शेड और शौचालय निर्माण तथा जल जीवन मिशन के तहत नल कनेक्शन एवं पर्याप्त पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई गई।
कलेक्टर ने पालकों की ओर से रखे गए सुझावों पर आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय के बेहतर संचालन और विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा। इसके बाद उन्होंने विद्यालय के छात्रावास और मेस का निरीक्षण कर विद्यार्थियों के आवास तथा भोजन व्यवस्था का जायजा लिया। व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।
कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी मणिराम यादव, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ अजय कुर्रे, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के प्राचार्य, पालक प्रतिनिधि, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य और शिक्षक उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

