प्राकृतिक खेती स्वस्थ, समृद्ध व आत्मनिर्भर भारत का आधार : मंत्री टंकराम वर्मा
धमतरी, 17 जून (हि.स.)। संबलपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के समीप बुधवार को आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं कृषि मेला में राजस्व एवं जिला प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा शामिल हुए। किसानों को संबोधित करते हुए टंकराम वर्मा ने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती केवल कृषि पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज, सुरक्षित पर्यावरण और आत्मनिर्भर किसान की आधारशिला है। किसान रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति संरक्षित रहे।
राजस्व एवं जिला प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा किसानों को संबोधित करते हुए आगे कहा कि जैविक खेती से आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ खाद्यान्न उपलब्ध हो सके। भारत कृषि प्रधान देश है और गांव इसकी आत्मा हैं। पूर्व में कृषि व्यवस्था प्रकृति और पशुधन आधारित थी, जिससे उत्पादन के साथ-साथ स्वास्थ्य और पर्यावरण का संतुलन भी बना रहता था। आज बढ़ते रासायनिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है तथा अनेक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां सामने आ रही हैं। ऐसे समय में प्राकृतिक खेती की ओर लौटना समय की आवश्यकता है।
मंत्री श्री वर्मा ने उपस्थित किसानों को कृषि उपकरण सहित बीज मिनीकिट पौधे वितरित किए। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर आमदी में सरस्वती शिशु मंदिर भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपये तथा संबलपुर में किसानों के लिए किसान कुटी निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा की है। उन्होंने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक खाद निर्माण तथा उन्नत कृषि तकनीकों के संबंध में सतत मार्गदर्शन प्रदान करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद, जनपद पंचायत अध्यक्ष अंगीरा ध्रुव, लक्ष्मी साहू, बालाराम साहू, वरिष्ठ कृषक एवं कृषि विशेषज्ञ प्रताप राव कृदत्त, किसान नेता ठाकुर राम वर्मा, शशि पवार सहित कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, प्रगतिशील किसान एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष रोहिताश मिश्रा ने किसानों को प्राकृतिक, विषमुक्त एवं जहरमुक्त खेती अपनाने की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिक डा प्रेम साहू ने प्राकृतिक खेती के महत्व पर प्रकाश डाला। उप संचालक कृषि मोनेश साहू ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के प्रति प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि जिले में एक जून से 30 जून तक ‘‘खेत बचाओ अभियान’’ संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा हरित खाद के महत्व की जानकारी दी जा रही है। अभियान के तहत किसानों को हरित खाद एवं दलहनी फसलों के बीजों के उपयोग के संबंध में भी जागरूक किया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

