‘हमारी आंगनबाड़ी हमारी जिम्मेदारी’ थीम पर पोषण माह शुरू

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‘हमारी आंगनबाड़ी हमारी जिम्मेदारी’ थीम पर पोषण माह शुरू


आंगनबाड़ी केंद्रों को समुदाय से जोड़ने पर जोर, कुपोषित बच्चों की पहचान और नियमित मापन के निर्देश

बलरामपुर, 10 सितंबर (हि.स.)। बलरामपुर जिले में राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ आज गुरुवार को ‘हमारी आंगनबाड़ी हमारी जिम्मेदारी’ थीम के साथ किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से सेक्टर कुसमी में वेबकास्ट के माध्यम से कार्यक्रम का सजीव प्रसारण हितग्राहियों को दिखाया गया। इसके बाद पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी दी गई तथा उपस्थित लोगों को कुपोषण दूर करने की शपथ दिलाई गई।

कार्यक्रम में गर्भवती और शिशुवती माताओं को स्तनपान के महत्व, संतुलित आहार और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को केंद्रों की साज-सज्जा के तरीके भी बताए गए, ताकि बच्चों के लिए केंद्रों में आकर्षक और सीखने योग्य माहौल तैयार किया जा सके।

जिले में अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को स्थानीय समुदाय से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और स्व-सहायता समूहों की सहभागिता बढ़ाने के साथ केंद्रों में पोषण वाटिका विकसित करने की पहल की जा रही है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक अनाज और मोटे अनाज को भोजन में शामिल करने, गोद भराई और अन्नप्राशन जैसे आयोजनों को उत्सव के रूप में मनाने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण पर भी जोर दिया गया है।

इसी क्रम में परियोजना कार्यालय रामचन्द्रपुर में बैठक सह प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें पोषण माह और सेवा संकल्प अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं को बच्चों के वजन और लंबाई की सही तरीके से माप करने का प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें वजन मशीन को समतल स्थान पर रखने, उसकी सटीकता जांचने, बच्चों की ऊंचाई और लंबाई मापने तथा पोषण ट्रैकर में सही आंकड़े दर्ज करने की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान कुपोषित बच्चों की समुदाय स्तर पर देखभाल, गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने, गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन और स्वास्थ्य परीक्षण कराने तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया गया। कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन प्रविष्टियों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि पोषण माह केवल एक महीने का आयोजन नहीं, बल्कि लोगों की आदतों और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने का सतत अभियान है। आंगनबाड़ी बच्चों के स्वस्थ भविष्य की पहली सीढ़ी है। इसलिए प्रत्येक बच्चे का नियमित मापन और उसका सही रिकॉर्ड रखना जरूरी है। उन्होंने माताओं, अभिभावकों और समुदाय से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से ही जिले को कुपोषण मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

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