दो पालियों में हुई राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा

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दो पालियों में हुई राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा


धमतरी, 02 मई (हि.स.)। जिले के छह केंद्रों पर शनिवार को राज्य स्तरीय राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति (एनएमएमएस) परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। परीक्षा में कुल 2385 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से प्रथम पाली में 2113 छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जबकि 272 अनुपस्थित रहे। वहीं द्वितीय पाली में 2112 परीक्षार्थियों ने भाग लिया और 273 अनुपस्थित रहे।

पहली पाली में बौद्धिक और दूसरी पाली में शैक्षिक योग्यता की परीक्षा ली गई। दूसरी पाली में बाल विवाह, मन की बात कार्यक्रम, डब्ल्यूएचओ के उद्देश्य, जीएसटी, आरटीआई, अदालतों के स्तर जैसे विषयों पर पूछे गए सवालों के साथ-साथ गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के प्रश्नों ने छात्रों को काफी परेशान किया। जिससे परीक्षा के बाद कई परीक्षार्थी असमंजस में नजर आए।

राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत कक्षा आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ने की प्रवृत्ति को कम करने और छात्रों को कक्षा नौवीं से 12 वीं तक शिक्षा से जोड़े रखने के लिए प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार परीक्षा में कुल 2385 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से प्रथम पाली में 2113 छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जबकि 272 अनुपस्थित रहे। वहीं द्वितीय पाली में 2112 परीक्षार्थियों ने भाग लिया और 273 अनुपस्थित रहे। सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। पहली पाली में बौद्धिक योग्यता परीक्षण के 90 प्रश्नों को 90 मिनट में हल करना था। दूसरी पाली में विज्ञान के 35, सामाजिक विज्ञान के 35 और गणित के 20 प्रश्नों सहित कुल 90 प्रश्न पूछे गए। जिन्हें हल करने के लिए 90 मिनट का समय दिया गया था। परीक्षा में बाल विवाह के कारण, रेडियो पर मन की बात कार्यक्रम की मेजबानी, डब्ल्यूएचओ का उद्देश्य, छत्तीसगढ़ की पहली दंगल गर्ल, देश में कितने स्तर की अदालतें, भारत में जीएसटी लागू, बजट का उद्देश्य नहीं, प्राचीन काल में छत्तीसगढ़ का नाम, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में गए शुभांशु शुक्ला ने बीज उगाकर अध्ययन किया, आरटीआई के तहत जानकारी मांगने, भारत में किन पक्षियों को मारना वैध नहीं, जनता का प्रतिनिधित्व,जैसे प्रश्न पूछे गए।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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