(संशोधित) जहरीले मशरूम खाने से एक ही परिवार के 8 लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार
-सिविल अस्पताल वाड्रफनगर में भर्ती
बलरामपुर, 06 जुलाई (हि.स.)। बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र के ग्राम स्याही में जंगल से लाए गए जहरीले मशरूम (पुटु-खुखड़ी) खाने से एक ही परिवार के 8 लोग गंभीर रूप से फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए हैं, जिनमें 3 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। पेट दर्द, उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर सभी को तत्काल सिविल अस्पताल वाड्रफनगर में भर्ती कराया गया।
मरीजों का उपचार कर रहे बीएमओ डॉ. हेमंत दीक्षित ने बताया कि सोमवार, 6 जुलाई 2026 को परिवार के सदस्यों ने घर में जंगल से लाए गए मशरूम (पुटु-खुखड़ी) का सेवन किया था। खाने के कुछ देर बाद ही सभी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। पेट में तेज दर्द, उल्टी और चक्कर आने पर स्वजन सभी को सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे।
सभी प्रभावितों को तुरंत सिविल अस्पताल वाड्रफनगर में भर्ती कराया गया, इनमें से तीन मरीजों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया है। सभी में फूड प्वाइजनिंग के लक्षण पाए गए हैं। फिलहाल सभी मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
ज्ञात हो कि बरसात के मौसम में छत्तीसगढ़ के वनांचलों में प्राकृतिक रूप से उगने वाले मशरूम (खुखड़ी या पुटु) बड़ी मात्रा में निकलते हैं। बीएमओ डॉ. हेमंत दीक्षित ने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगल से लाए गए मशरूम की सही पहचान के बिना उसका सेवन न करें। अज्ञात प्रजाति के मशरूम खाने से बचें।जहरीली और खाने योग्य खुखड़ी में अंतर करना बहुत मुश्किल होता है। केवल दिखने या पुरानी धारणाओं के आधार पर किसी भी मशरूम को सुरक्षित न मानें।
हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा

