एम्स रायपुर और एनआईटी रायपुर एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने मिलाया हाथ

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एम्स रायपुर और एनआईटी रायपुर एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने मिलाया हाथ


रायपुर, 19 अगस्त (हि.स.)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़कर मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। एनआईटी रायपुर के टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (एनआईटीआरआरएफआईई ) और एम्स रायपुर के बीच आज पांच वर्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

यह साझेदारी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के इंडियाएआई मिशन के तहत छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से एनआईटी रायपुर में स्थापित एमईआईटीवाई इंडिया एआई छत्तीसगढ़ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अंतर्गत की गई है। 20 करोड़ के प्रोजेक्ट परिव्यय वाले इस सेंटर का संचालन स्वास्थ्य सेवा एवं बहुविषयक क्षेत्र, खनन एवं खनिज तथा इस्पात एवं उद्योग जैसे तीन प्रमुख क्षेत्रों में किया जा रहा है।

वास्तविक चिकित्सा समस्याओं पर होगा काम

समझौते के तहत एम्स रायपुर वास्तविक दुनिया की नैदानिक समस्याओं और चिकित्सा क्षेत्र की विशेषज्ञता उपलब्ध कराएगा। वहीं, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस अपने शोधकर्ताओं, इनक्यूबेटेड स्टार्टअप्स, विद्यार्थियों, प्रयोगशालाओं और उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग संसाधनों के माध्यम से इन समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित करेगा।

साझेदारी के प्रमुख क्षेत्रों में एआई-सक्षम निदान, क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, स्वास्थ्य सेवा वितरण में सुधार और अस्पताल संचालन को अधिक प्रभावी बनाना शामिल है। इसके साथ ही संयुक्त अनुसंधान, त्वरित प्रोटोटाइपिंग, नियंत्रित क्लिनिकल पायलट, फील्ड वैलिडेशन, विशेषज्ञ परामर्श, इंटर्नशिप, हैकाथॉन, कौशल विकास और सामुदायिक पहुंच जैसे कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।

जिम्मेदार और उपयोगी एआई समाधान पर जोर

एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव ने कहा कि, इस साझेदारी की वास्तविक ताकत स्वास्थ्य क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों को जिम्मेदार, प्रभावी और बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले तकनीकी समाधानों में बदलने में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल देश में अकादमिक संस्थानों, स्वास्थ्य सेवाओं और स्टार्टअप्स के बीच सहयोग का नया मानदंड स्थापित करेगी।

वहीं, एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने कहा कि, चिकित्सा संस्थान इस साझेदारी में क्लिनिकल विशेषज्ञता और वास्तविक परिस्थितियों में तकनीकी समाधानों के परीक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग बेहतर नैदानिक परिणाम, सुरक्षित मरीज देखभाल और छत्तीसगढ़ के लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने में सार्थक होना चाहिए।

समझौता समारोह में एम्स रायपुर की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त), डॉ. डी. के. त्रिपाठी, डॉ. अभिरुचि गल्होत्रा, डॉ. एली महापात्र, डॉ. एकता खंडेलवाल, डॉ. नमन अग्रवाल, डॉ. रोशन मैथ्यू और डॉ. पुष्पावती ठाकुर उपस्थित रहीं।

इस समझौते से स्वास्थ्य सेवाओं में अत्याधुनिक एआई तकनीक के उपयोग, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, विकसित किए जाने वाले समाधानों को वास्तविक चिकित्सकीय जरूरतों के अनुरूप तैयार कर मरीजों और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए उपयोगी बनाने पर जोर रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

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