सुकमा जिला मुख्यालय से 190 किलोमीटर दूर टेटरई गांव में बजी मोबाइल की घंटी
सुकमा, 31 अगस्त (हि.स.)। जिला मुख्यालय से 190 किलोमीटर दूर कोंटा विकासखंड के टेटरई गांव में मोबाइल टावर लगने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। टेटरई गांव के लगभग 2 हजार से ज्यादा ग्रामीणों को बरसों से मोबाइल टावर का इंतजार था।
दरअसल मोबाइल टावर नहीं होने की वजह से पहले मोबाइल हाथ में होने के बावजूद कई जगहों पर ग्रामीणों को सिग्नल की तलाश में घरों से बाहर निकलना पड़ता था। ऊंची जगह या किसी पहाड़ी के आसपास नेटवर्क मिलता था। ऐसे में जरूरी फोन के लिए कभी-कभी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।
मोबाइल नेटवर्क आने का सबसे बड़ा असर गांव के बच्चों और युवाओं पर दिखाई देने लगा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से लेकर ऑनलाइन क्लास, डिजिटल अध्ययन सामग्री इंटरनेट के जरिए उपलब्ध है। अब नेटवर्क की समस्या दूर होने से टेटरई जैसे गांवों के विद्यार्थियों को भी डिजिटल शिक्षा से जुड़ने का अवसर मिलेगा। डिजिटल कनेक्टिविटी से सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच भी आसान हुई है। ई-केवाईसी, डिजिटल बैंकिंग जैसी सेवाओं के लिए नेटवर्क जरूरी है। अब ग्रामीण इन सुविधाओं का लाभ गांव से ही उठा सकते हैं। किसी ग्रामीण की अचानक तबीयत खराब हो जाए, दुर्घटना हो जाए या किसी अन्य आपात स्थिति में मदद की जरूरत पड़ने पर पहले बहुत समस्या होती थी। अब नेटवर्क उपलब्ध होने के बाद ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग, एंबुलेंस, प्रशासन और अन्य जरूरी सेवाओं से सीधे संपर्क कर सकेंगे।
सुकमा कलेक्टर अमित कुमार ने साेमवार काे बताया कि बीएसएनएल की 4जी सैचुरेशन परियोजना के तहत जिले के दुर्गम क्षेत्रों को बेहतर कॉलिंग और इंटरनेट कनेक्टिविटी से जोड़ने का काम किया जा रहा है। उद्देश्य यही है कि विकास की सुविधाएं उन इलाकों तक भी पहुंचें, जो लंबे समय तक भौगोलिक और दूसरी परिस्थितियों के कारण पीछे रह गए।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

