नाबालिगों को वाहन देने पर अभिभावकों पर होगी कार्रवाई

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नाबालिगों को वाहन देने पर अभिभावकों पर होगी कार्रवाई


बलरामपुर, 22 सितंबर (हि.स.)। नाबालिगों के वाहन चलाने के मामलों में बलरामपुर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। जनजागरूकता अभियान के बाद भी नाबालिगों के वाहन चलाते पाए जाने पर अब उनके वाहन जब्त कर संबंधित माता-पिता या वाहन स्वामी के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 199(क) के तहत कार्रवाई की जा रही है। आज मंगलवार तक जिले में 83 प्रकरणों में कार्रवाई कर 1 लाख 23 हजार 500 रुपये समन शुल्क वसूल किया गया है।

पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देश पर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी के निर्देशन में जिले के सभी थाना, चौकी और यातायात पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है।

अभियान के पहले चरण में 30 जुलाई 2026 से जिले के शासकीय और निजी विद्यालयों सहित अन्य शिक्षण संस्थानों में जनजागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा अभिभावकों को नाबालिग बच्चों को वाहन नहीं चलाने देने और उन्हें वाहन उपलब्ध नहीं कराने की समझाइश दी।

जनजागरूकता अभियान के बाद दूसरे चरण में नाबालिगों के वाहन चलाते पाए जाने पर कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस के अनुसार, अब तक 83 प्रकरणों में एक लाख 23 हजार 500 रुपये का समन शुल्क वसूल किया गया है। साथ ही संबंधित अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन को दोबारा ऐसी स्थिति नहीं होने की हिदायत दी गई है।

छह प्रकरण न्यायालय में पेश किए जा रहे

पुलिस के अनुसार, अब नाबालिगों द्वारा वाहन चलाते पाए जाने पर मोटरयान अधिनियम की धारा 199(क) के तहत अभिभावक या वाहन स्वामी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। नाबालिग द्वारा वाहन चलाते पाए जाने पर वाहन जब्त कर संबंधित अभिभावक या वाहन स्वामी के खिलाफ प्रकरण तैयार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।

वर्तमान में थाना रामानुजगंज के 02, यातायात बलरामपुर के 02 और चौकी वाड्रफनगर के 02, कुल 06 प्रकरणों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, मोटरयान अधिनियम की धारा 199(क) के तहत नाबालिग द्वारा वाहन चलाने की स्थिति में संबंधित अभिभावक या वाहन स्वामी पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना और तीन वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।

बलरामपुर पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में मोटर वाहन चलाने की अनुमति न दें और न ही उन्हें वाहन उपलब्ध कराएं। पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और नाबालिगों के वाहन चलाने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

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