अंबिकापुर : सड़क हादसे के घायलों को देख रुका मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का काफिला, अपनी ही गाड़ी से पहुँचाया अस्पताल

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अंबिकापुर : सड़क हादसे के घायलों को देख रुका मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का काफिला, अपनी ही गाड़ी से पहुँचाया अस्पताल


अंबिकापुर, 07 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने रविवार को संवेदनशीलता और मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की। रायपुर से लौटने के दौरान अंबिकापुर रेलवे स्टेशन के पास नेशनल हाईवे पर जब उन्होंने एक सड़क हादसे के घायलों को दर्द से कराहते देखा, तो उनका दिल पसीज गया। मंत्री ने बिना एक पल गंवाए न सिर्फ अपना काफिला रुकवाया, बल्कि प्रोटोकॉल को किनारे रखकर अपने ही सरकारी वाहन से घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल रवाना किया। इस दौरान वे खुद काफी देर तक सड़क पर ही खड़ी रहीं और बाद में दूसरे वाहन से अपने गृहग्राम के लिए रवाना हुईं।

यह वाकया रविवार दोपहर का है, जब मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े रायपुर से लौटने के बाद अंबिकापुर होते हुए अपने गृहग्राम सूरजपुर जिले के बीरपुर जा रही थीं। इसी दौरान अंबिकापुर रेलवे स्टेशन के सामने एक स्कूटी और ऑटो रिक्शा के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई, जिससे स्कूटी सवार दो युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। ठीक उसी वक्त मंत्री का काफिला वहां से गुजर रहा था। सड़क पर बिखरा खून और तड़पते युवकों को देखकर मंत्री राजवाड़े ने तुरंत गाड़ी रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने खुद कार से उतरकर घायलों का हाल जाना और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल उन्हें अपनी ही गाड़ी में बिठाकर अस्पताल भिजवाया।

इतना ही नहीं, मंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों को फोन कर घायलों के त्वरित और बेहतर इलाज के निर्देश भी दिए। अस्पताल प्रबंधन भी अलर्ट मोड पर रहा और मंत्री की गाड़ी से घायलों के पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने तुरंत इलाज शुरू कर दिया। फिलहाल दोनों घायल युवकों की हालत स्थिर बताई जा रही है। घायलों को रवाना करने के बाद काफी देर तक धूप में सड़क पर खड़ी रहीं मंत्री के लिए बाद में दूसरी कार की व्यवस्था की गई, जिसके बाद वे बीरपुर के लिए रवाना हो सकीं। दुर्घटनास्थल पर मौजूद आम जनता और चश्मदीदों ने वीआईपी कल्चर से दूर मंत्री के इस त्वरित फैसले और मानवीय दृष्टिकोण की जमकर सराहना की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

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