सूरजपुर : मनरेगा से बदली पनारी नाले की तस्वीर, 1200 ग्रामीणों को मिला पानी और रोजगार का सहारा

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सूरजपुर : मनरेगा से बदली पनारी नाले की तस्वीर, 1200 ग्रामीणों को मिला पानी और रोजगार का सहारा


सूरजपुर, 16 अप्रैल (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पहाड़ अमोरनी (सारासोर) में मनरेगा के तहत पनारी नाले के जीर्णोद्धार ने ग्रामीणों की तस्वीर बदल दी है। जल संरक्षण और रोजगार सृजन के इस मॉडल कार्य से 1200 से अधिक ग्रामीणों को पेयजल, सिंचाई और आजीविका का सीधा लाभ मिल रहा है। कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देश और जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र पाटले के मार्गदर्शन में यह कार्य सफलता की मिसाल बनकर उभरा है।

मनरेगा के तहत 156 मानव दिवस का रोजगार सृजित करते हुए नाले की गाद सफाई की गई और पुराने स्टॉप डेम की मरम्मत की गई। इसके परिणामस्वरूप नाले में जलस्तर बढ़कर करीब 2 मीटर तक पहुंच गया है, जिससे वर्षभर जल उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है।

पेयजल संकट से राहत, पशुओं को भी मिला सहारा

जलस्तर बढ़ने से गांव में हैंडपंप और अन्य स्रोतों से पेयजल की उपलब्धता आसान हो गई है। साथ ही लगभग 200 पशुओं की पानी की जरूरत भी इसी नाले से पूरी हो रही है, जिससे पशुपालकों को बड़ी राहत मिली है।

किसानों की बढ़ी आमदनी, 20 हेक्टेयर में हो रही खेती

नाले के पुनर्जीवन से सिंचाई सुविधा मिलने पर 26 किसान करीब 20 हेक्टेयर भूमि में गेहूं और सब्जियों की खेती कर रहे हैं। स्थानीय किसान अम्बेलाल, नंदलाल और रामधन नियमित रूप से सब्जियों का उत्पादन कर बाजार में बिक्री से अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

यह पहल दर्शाती है कि मनरेगा के माध्यम से जल संरक्षण, रोजगार और कृषि विकास को एक साथ साधा जा सकता है। पनारी नाले का जीर्णोद्धार जिले में ग्रामीण विकास का सफल मॉडल बनकर

सामने आया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

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