साइबर सुरक्षा का संदेश 1800 विद्यार्थियों तक पहुंचा , पुलिस ने ठगी से बचाव के बताए उपाय
रायपुर, 18 अगस्त (हि.स.)। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाव के लिए चलाए जा रहे विशेष साइबर जागृति अभियान के तहत मंगलवार को पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के नॉर्थ जोन में विभिन्न स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में करीब 1800 छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया।
पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले (आईपीएस) के मार्गदर्शन तथा पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन दीपमाला कश्यप और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन आदित्य पांडे के पर्यवेक्षण में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों और आम नागरिकों को साइबर ठगी के नए तरीकों तथा उनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी देना रहा।
थाना पंडरी क्षेत्र के कांपा स्थित सेंट पल्लोटी कॉलेज में करीब 200 छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी गई। वहीं थाना गुढ़ियारी क्षेत्र के विकास नगर स्थित न्यू टेक पब्लिक स्कूल में कक्षा 11वीं एवं 12वीं के करीब 200 विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ को साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए गए। विद्यार्थियों को अपने परिजनों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
थाना खम्हारडीह क्षेत्र के शासकीय स्कूल में करीब 200 विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी गई। थाना उरला क्षेत्र के बिरगांव स्थित ईश्वर पब्लिक स्कूल में करीब 1000 छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित लोगों की सहभागिता में कार्यक्रम हुआ। यहां साइबर सुरक्षा के साथ यातायात जागरूकता और नए आपराधिक कानून से संबंधित जानकारी भी साझा की गई।
इसी क्रम में शासकीय पूर्व माध्यमिक अभ्यास शाला, बीटीआई ग्राउंड शंकर नगर में आयोजित कार्यक्रम में करीब 200 बच्चों से संवाद किया गया। “संवाद से समाधान” के तहत बच्चों को गुड टच-बैड टच सहित साइबर अपराधों से बचाव के विषय में समझाइश दी गई।
पुलिस ने विद्यार्थियों को संदिग्ध लिंक और मैसेज पर क्लिक नहीं करने तथा अनजान एपीके फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करने की सलाह दी। साथ ही ओटीपी, पिन, सीवीवी और पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की समझाइश दी गई। फर्जी केवाईसी, बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी, ऑनलाइन निवेश और सोशल मीडिया फ्रॉड से भी सतर्क रहने को कहा गया।
विद्यार्थियों को अपने घर जाकर माता-पिता और अन्य परिजनों को भी साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के सोशल मीडिया पेज को फॉलो करने और क्यूआर कोड स्कैन कर साइबर जागरूकता अभियान से जुड़ने की अपील की गई।
पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल

