मेघा एनीकट पर जानलेवा सफर, उफनते पानी के बीच जोखिम उठाकर गुजर रहे लोग

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मेघा एनीकट पर जानलेवा सफर, उफनते पानी के बीच जोखिम उठाकर गुजर रहे लोग


धमतरी, 29 जुलाई (हि.स.)। जिले में रूक-रूककर भारी बारिश हो रही है, इससे जनजीवन प्रभावित है। लगातार हो रही बारिश के कारण धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड स्थित मेघा एनीकट पूरी तरह लबालब हो गया है। एनीकट के ऊपर से तेज़ बहाव के साथ पानी बह रहा है, इसके बावजूद कई लोग अपनी जान जोखिम में डालकर बाइक और पैदल आवागमन कर रहे हैं। तेज़ धार के बीच वाहन निकालते लोगों की तस्वीरें चिंता बढ़ा रही हैं। जरा-सी चूक किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी का बहाव लगातार बना हुआ है, फिर भी कुछ लोग लापरवाही बरतते हुए एनीकट पार करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन और पुलिस द्वारा ऐसे स्थानों से दूर रहने तथा सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग अपनाने की लगातार अपील की जा रही है। बारिश के इस दौर में थोड़ी-सी असावधानी भारी पड़ सकती है। मालूम हो कि जिले में रूक-रूककर भारी बारिश हो रही है, इससे जनजीवन प्रभावित है। धमतरी जिला अंतर्गत नगरी ब्लाक के देउरपारा-सिहावा क्षेत्र में बारिश के दबाव के चलते पुल बह जाने से ग्राम सिरसिदा, छिपलीपारा, देवपुर, सोनामगर, भैसामुड़ा, चारगांव, मेचका, रिसगांव, भीतररास सहित अनेक गांवों का संपर्क टूट गया है।

जिले के प्रमुख गंगरेल बांध में 30 हजार क्यूसेक से अधिक पानी की आवक हो रही है। बांध का जलभराव शाम छह बजे तक 19 टीएमसी से अधिक हो चुका था। वहीं लगातार बारिश होने से सोंढूर से दुधावा तथा दुधावा से गंगरेल बांध में पानी लाया जा रहा है, ताकि तीनों जलाशयों का संचालन सुरक्षित हो सके। वर्तमान में दुधावा जलाशय अपनी कुल क्षमता के 81.14 प्रतिशत पर है, जहां 4,440 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है। सोंढूर जलाशय 75.02 प्रतिशत क्षमता पर है, जहां 2,205 क्यूसेक जल की आवक हो रही है।

वहीं गंगरेल जलाशय 50.04 प्रतिशत क्षमता पर है तथा यहां 30 हजार क्यूसेक जल की आवक दर्ज की जा रही है। वहीं सोंढूर बांध के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार वर्षा होने से वर्तमान में जलाशय में 15,256 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जिसमें लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार सोंढूर बांध से सोंढूर नदी में 5,000 क्यूसेक पानी नियंत्रित रूप से छोड़ा जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर इस जल निकासी की मात्रा बढ़ाई भी जा सकती है। इसके मद्देनज़र सोंढूर नदी के किनारे बसे क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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