डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल को प्राथमिकता देने पर जोर
जांजगीर-चांपा, 23 जून (हि. स.)। जिला खनिज न्यास संस्थान (डीएमएफ) की शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आज मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में डीएमएफ मद से प्राप्त राशि, व्यय, प्रगतिरत विकास कार्यों तथा विभिन्न नए प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही जिले के समग्र विकास के लिए तैयार की गई पंचवर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना एवं वार्षिक कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि डीएमएफ की उपलब्ध निधि का उपयोग स्वीकृत पंचवर्षीय एवं वार्षिक कार्ययोजना के अनुरूप किया जाएगा, जिससे खनिज प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिल सके।
बैठक में सांसद कमलेश जांगड़े, विधायक ब्यास कश्यप, विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह, विधायक बालेश्वर साहू, विधायक शेषराज हरबंश, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय, डीएफओ हिमांशु डोंगरे, जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे सहित शासी परिषद के सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत जिले के विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि उपलब्ध निधि का उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, कृषि, पशुपालन, मत्स्यपालन, पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, आवास, सिंचाई, ऊर्जा और आधारभूत अधोसंरचना विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए निजी सहभागिता एवं आंशिक वित्तपोषण के माध्यम से व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। साथ ही विभिन्न शासकीय योजनाओं के समन्वय से जनकल्याणकारी और विकास कार्यों को गति दी जाएगी।
बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और शासी परिषद के सदस्यों ने खनिज प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक आवश्यकताओं के आधार पर योजनाएं तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, अधोसंरचना विकास, कौशल विकास, रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई।
सदस्यों ने यह भी कहा कि डीएमएफ निधि से स्वीकृत सभी कार्यों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए, ताकि खनिज प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों को योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। बैठक में जिले के समन्वित एवं सतत विकास के लिए डीएमएफ निधि के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया गया।
हिन्दुस्थान समाचार/ लालिमा शुक्ला पुरोहित
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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT

