ट्रेचिंग ग्राउंड की आग 24 घंटे बाद भी बेकाबू, दो लाख लीटर पानी झोंका

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ट्रेचिंग ग्राउंड की आग 24 घंटे बाद भी बेकाबू, दो लाख लीटर पानी झोंका


ट्रेचिंग ग्राउंड की आग 24 घंटे बाद भी बेकाबू, दो लाख लीटर पानी झोंका


आग बुझाने पहुंची दमकल हादसे का शिकार, दो कर्मचारियों की मौत से शोक

धमतरी, 26 मई (हि.स.)। बागतराई-सोरिद स्थित नगर निगम के ट्रेचिंग ग्राउंड में सोमवार सुबह लगी भीषण आग पर मंगलवार देर शाम तक भी पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। पांच एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली आग ने पूरे इलाके को धुएं की चादर में ढक दिया। कचरे के भीतर लगातार सुलगन बनी रहने से निगम, फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी रहीं। आग बुझाने के लिए अब तक दो लाख लीटर से अधिक पानी का इस्तेमाल किया जा चुका है, जबकि जेसीबी मशीनों की मदद से कचरे को हटाकर भीतर तक पहुंचने की कोशिश जारी है।

सोमवार सुबह करीब 11 बजे ट्रेचिंग ग्राउंड से उठती लपटों और धुएं ने आसपास के रहवासियों में दहशत फैला दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और दूर-दूर तक धुआं दिखाई देने लगा। प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह ट्रेचिंग ग्राउंड से लगे खेतों में पराली जलाना माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि खेत से उड़ी चिंगारी या जलता तिनका कचरे के ढेर तक पहुंचा, जिससे आग भड़क गई। आग बुझाने के लिए धमतरी फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने दिनभर में 22 से 25 चक्कर लगाए। बालोद फायर ब्रिगेड की टीम, नगर निगम के पानी टैंकर और कर्मचारी लगातार मोर्चे पर डटे रहे। मंगलवार को भी कचरे के भीतर धधक रही आग को बुझाने के लिए जेसीबी मशीनों से रास्ता बनाकर पानी डाला गया। बावजूद इसके कई हिस्सों से धुआं निकलता रहा। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे दुखद खबर आग बुझाने के अभियान से जुड़ी रही।

नगर पंचायत नगरी से धमतरी भेजी गई दमकल गाड़ी केरेगांव-गट्टासिल्ली मार्ग पर भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई। हादसे में चालक राजू साहू और सफाई कर्मचारी फलेन्द्र गंभीर रूप से घायल हो गए। जिला अस्पताल में फलेन्द्र को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि रायपुर रेफर किए गए राजू साहू ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद नगर निगम और फायर विभाग में शोक की लहर है।

नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी शशांक मिश्रा ने बताया कि, आग जिस क्षेत्र में फैली है वह बालोद जिले की सीमा में आता है। आसपास के खेतों का नक्शा, खसरा और भूमि विवरण निकाला जा रहा है ताकि आग लगने के लिए जिम्मेदार खेत मालिकों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। मामले की प्राथमिक सूचना पुलिस को भी दे दी गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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