पितृ पक्ष के पावन अवसर पर सर्व समाज ने धनगांव में वीर सपूतों को दिया तर्पण
- साधु-संतों से लेकर मंत्री और जनप्रतिनिधि हुए शामिल
- नक्सल हमले में छत्तीसगढ़ के 1399 अमर बलिदानियों को धनगांव में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, 24 घंटे चला राम नाम यज्ञ
बेमेतरा, 30 सितंबर (हि. स.)। छत्तीसगढ़ के नक्सल मुक्त होने के बाद प्रथम पितृ पक्ष के पावन अवसर पर बेमेतरा जिले के ग्राम धनगांव में 29 एवं 30 सितंबर को अमर बलिदानियों की स्मृति में एक विशाल श्रद्धांजलि सभा एवं तर्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सर्व समाज की ओर से आयोजित इस ऐतिहासिक और भावपूर्ण दो दिवसीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के हमले अपने प्राणों की आहुति देने वाले 1399 वीर सपूतों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
शहीदों की आत्मा की शांति और उनके त्याग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए विशेष रूप से तर्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वीर जवानों की स्मृति में 24 घंटे का अखंड 'राम नाम यज्ञ' और महामंत्र का जाप किया गया। इस दौरान संपूर्ण धनगांव का वातावरण भक्ति, वैराग्य और राष्ट्रप्रेम की भावना से ओतप्रोत रहा।
इसके साथ ही धनगांव में राज्यस्तरीय रामधुनी कार्यक्रम में पूरे छत्तीसगढ़ के अलग अलग जिलों से 150 से अधिक समितियों ने हिस्सा लिया। जिसमे सुतियापाठ कवर्धा को एक लाख, कनहरपुर पंचरिया कवर्धा को 50 हजार फुटई नवागढ़ बेमेतरा को 31 हजार, मारिमापोटी धमतरी को 21 हजार एवं पिश पथरिया को 11 हजार रुपये से पुरुस्कृत किया गया।
छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष एवं दक्षिण कौशल के पीठाधीश्वर महंत राजीव लोचन दास ने कहा कि, बेमेतरा जिले का ग्राम धनगांव उनकी जन्मभूमि है और इस पुण्य धरा पर राष्ट्र रक्षकों का स्मरण करना अत्यंत गर्व और भावुकता का क्षण है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों से छत्तीसगढ़ महतारी की रक्षा के लिए देशभर के 1399 वीर सपूतों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। इन वीरों ने छत्तीसगढ़वासियों की सुख-शांति के लिए जो अपना सर्वस्व अर्पण किया है, उसके ऋण को कभी चुकाया नहीं जा सकता। इसलिए आज पूरा समाज एकजुट होकर पूरी कृतज्ञता के साथ उन वीर हुतात्माओं के लिए तर्पण का यह पुनीत कार्य कर रहा है।
भाजपा नेता एवं वरिष्ठ समाजसेवी बसंत अग्रवाल ने वीर शहीदों को नमन करते हुए कहा, आज हम खुली हवा में जो सांस ले रहे हैं और एक नक्सल मुक्त, शांत तथा सुरक्षित छत्तीसगढ़ का जो सपना साकार हुआ है, वह हमारे इन्हीं वीर सपूतों के सर्वोच्च बलिदान का ही प्रतिफल है। इन 1399 जवानों ने अपने परिवारों की चिंता न करते हुए भारत माता और छत्तीसगढ़ की रक्षा के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। आज पितृ पक्ष के इस पवित्र अवसर पर इन बलिदानियों का तर्पण कर सर्व समाज ने यह संदेश दिया है कि देश के लिए जान देने वाले कभी भुलाए नहीं जाते, वे सदैव हमारे दिलों में अमर रहते हैं।
उन्होंने आगे कहा, हम सभी का यह परम कर्तव्य है कि हम शहीदों के परिवारों के साथ हमेशा मजबूती से खड़े रहें और उनके सपनों का एक सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध राष्ट्र बनाएं। आने वाली पीढ़ियां इन वीरों के अदम्य साहस से सदैव राष्ट्रसेवा की प्रेरणा लेती रहेंगी।
इस गरिमामयी श्रद्धांजलि सभा में अनेक साधु-संतों, राजनेताओं और गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से महात्यागी रामरूपदास महाराज, महामंडलेश्वर सर्वेश्वर दासजी महाराज, छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, दुर्ग लोकसभा के सांसद विजय बघेल, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय, बेमेतरा विधायक दीपेश साहू, साजा विधायक ईश्वर साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष (बेमेतरा) कल्पना योगेश तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष (बेमेतरा) विजय सिन्हा, महंत सुरेश दास जी, दयावान बांदे, प्रज्ञा निर्वाणी (जिला अध्यक्ष, भाजपा महिला मोर्चा) विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

