नक्सलवाद खात्मे के बाद पहली बार मन की बात का बड़े जनसहभागिता वाला आयोजन, बदलाव का प्रमाण : केदार कश्यप

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नक्सलवाद खात्मे के बाद पहली बार मन की बात का बड़े जनसहभागिता वाला आयोजन, बदलाव का प्रमाण : केदार कश्यप


बीजापुर, 26 जुलाई (हि.स.)। जिले के ग्राम पंचायत जेंगुर (दरबा) में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का 136वां संस्करण सामूहिक रूप से सुना गया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के वन मंत्री एवं बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान 120 युवाओं ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के 120 युवाओं ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। पूर्व मंत्री महेश गागड़ा और भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने नवसदस्यों का पुष्पमाला और भाजपा गमछा पहनाकर स्वागत किया।

नेताओं ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण, जनसेवा और संगठन को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में ग्रामीण, महिलाएं, युवा, विद्यार्थी, जनप्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने प्रधानमंत्री के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना और कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।

मन की बात' कार्यक्रम के बाद वन मंत्री ने पात्र हितग्राहियों को वन अधिकार पट्टे वितरित किए। इस दाैरान बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पट्टे केवल भूमि का अधिकार नहीं, बल्कि आदिवासी परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के अधिकारों की रक्षा और उनकी आजीविका मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के अंत में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत वन मंत्री केदार कश्यप, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, भाजपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने पौधरोपण किया। इस दौरान सभी ने पौधों की नियमित देखभाल करने और अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का संकल्प लिया।

वन मंत्री एवं प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जेंगुर (दरबा) क्षेत्र कभी घोर नक्सल प्रभावित माना जाता था, जहां पहुंचना भी बेहद कठिन था. पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, सीएम साय और गृह मंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से बस्तर में नक्सलवाद का खात्मा हुआ. उसके बाद दरभा की पहचान बदली. यही वजह है कि बस्तर में जन सहभागिता वाला कार्यक्रम हो रहा है. लोगों को खुली हवा में सांस लेने का अवसर मिला है. नक्सलवाद समाप्ति के बाद पहली बार यहां मन की बात कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है. आज यहां इतने बड़े जनसहभागिता वाले कार्यक्रम का सफल आयोजन इस सकारात्मक बदलाव का प्रमाण है, जिससे क्षेत्रवासियों को राहत और विश्वास मिला है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

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