29 एकड़ में मखाना तैयार, समूह की महिलाएं जल्द करेंगी हार्वेस्टिंग

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29 एकड़ में मखाना तैयार, समूह की महिलाएं जल्द करेंगी हार्वेस्टिंग


धमतरी, 09 अक्टूबर (हि.स.)। किसानों की आय में वृद्धि और महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने खेती में नवाचार को बढ़ावा देने जिले में मखाना खेती की एक नई संभावना के रूप में उभर रही है। धान सहित पारंपरिक फसलों के साथ मखाना उत्पादन को प्रोत्साहित किया गया है। इस कड़ी में समूह की महिलाओं द्वारा 29 एकड़ में मखाना की खेती तैयाार है। 13 अक्टूबर को इसकी हार्वेस्टिंग का शुभारंभ किया जाएगा। उत्पादित मखाना को बेचने के बाद समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

केंद्र सरकार की सेंट्रल सेक्टर स्कीम फार डेवलपमेंट आफ मखाना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में धमतरी जिले को तालाबों में मखाना की खेती (पान्ड कल्टीवेशन) के लिए 66 हेक्टेयर का भौतिक लक्ष्य मिला था। इसके विरुद्ध जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में 42 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना की खेती प्रारंभ की गई है। यह पहल जिले में कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने और किसानों को परंपरागत खेती के अतिरिक्त लाभकारी विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जिले के ग्राम छाती और डांडेसरा में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा मखाना उत्पादन की पहल की गई है। शैलपुत्री स्व-सहायता समूह और नई किरण स्व-सहायता समूह के माध्यम से कुल 29 एकड़ क्षेत्र में उत्पादित मखाना की हार्वेस्टिंग की जा रही है। इससे महिला समूहों के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित होने के साथ सामूहिक उद्यमिता को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। मखाना उत्पादन का हार्वेस्टिंग शुभारंभ कार्यक्रम 13 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा।

जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा, कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में होने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य मखाना की खेती के अनुभवों को अन्य किसानों तक पहुंचाना और जिले में इसका विस्तार करना है।मखाना उत्पादन को जिले में व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए ग्राम सेनचुवा व विकासखंड धमतरी के किसानों को भी कार्यक्रम में शामिल होने कहा गया है। ये किसान आगामी वर्ष लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में मखाना की खेती करने की दिशा में पहल करेंगे। इससे जिले में कृषि विविधीकरण को नई गति मिलने तथा किसानों के लिए वैकल्पिक आय के अवसर विकसित होने की उम्मीद है।

उप संचालक उद्यानिकी पूजा कश्यप साहू ने जिले के सभी विकासखंडों के किसानों से मखाना उत्पादन की संभावनाओं को समझने और 13 अक्टूबर को आयोजित हार्वेस्टिंग शुभारंभ कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। कार्यक्रम के माध्यम से किसान मखाना उत्पादन की प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं और इसकी संभावनाओं से परिचित हो सकेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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