गंगरेल, सोंदूर और रूद्री बैराज समेत प्रमुख परियोजनाओं के सुदृढ़ीकरण को मिली मंजूरी

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गंगरेल, सोंदूर और रूद्री बैराज समेत प्रमुख परियोजनाओं के सुदृढ़ीकरण को मिली मंजूरी


धमतरी, 26 फ़रवरी (हि.स.)।बजट वर्ष 2026-27 में जल संसाधन विभाग को स्वीकृति मिली है। राज्य शासन ने धमतरी, कांकेर और बालोद जिलों की महत्वपूर्ण सिंचाई एवं बांध सुरक्षा परियोजनाओं के सुदृढ़ीकरण को स्वीकृति प्रदान की है। इन कार्यों से सिंचाई क्षमता में बढ़ोतरी, तट संरक्षण को मजबूती और जल प्रबंधन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया जाएगा।

धमतरी जिले के प्रमुख जलाशयों रविशंकर सागर (गंगरेल बांध), मुरूमसिल्ली बांध, सोंदूर जलाशय तथा न्यू रूद्री बैराज में संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण, तट संरक्षण और सुरक्षा संबंधी व्यापक कार्य किए जाएंगे। गंगरेल बांध में ठेमली आईलैंड निर्माण (200 लाख) और एपाक्सी ग्राउटिंग व हाई प्रेशर वाटर जेट से वीपीडी सफाई (490 लाख) के जरिए बांध की सुरक्षा और दीर्घायु सुनिश्चित की जाएगी। महानदी के बाएं तट पर ग्राम गंगरेल से मरादेव तक गाइड वाल निर्माण (500 लाख) से तट कटाव पर प्रभावी नियंत्रण होगा और ग्रामीणों की भूमि सुरक्षित रहेगी। मुरूमसिल्ली बांध में डेम प्रोफाइल रिसेक्शनिंग (500 लाख) एवं स्टोन पिचिंग (445 लाख) से संरचना की स्थायित्व क्षमता बढ़ेगी। सोंदूर जलाशय में एप्रोच रोड नवीनीकरण, पुलिया निर्माण (500 लाख) और डाउनस्ट्रीम प्रोटेक्शन वाल (500 लाख) से आवागमन सुगम होगा तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।

न्यू रूद्री बैराज के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में स्पील चैनल क्लीयरेंस एवं दोनों तटों पर प्रोटेक्शन वाल (500 लाख) के साथ ग्राम सदी क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा दीवार (500 लाख) का निर्माण किया जाएगा। कांकेर जिले के दुधावा बांध में आउटफॉल चैनल के दोनों ओर गाइड वाल (800 लाख) और स्लूस बैरल में एपाक्सी ग्राउटिंग (300 लाख) से जल निकासी तंत्र सुदृढ़ होगा तथा बाढ़ जोखिम में कमी आएगी। बालोद जिले में महानदी प्रदायक नहर की सुरई, सोहपुर एवं लिमोरा शाखा में लाइनिंग और जीर्णोद्धार (1000 लाख) तथा फागुंदाह शाखा नहर व माइनरों में पक्की संरचनाओं का निर्माण (1000 लाख) किया जाएगा, जिससे टेल-एंड तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

इन परियोजनाओं से हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को नियमित सिंचाई सुविधा मिलेगी। जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, फसल उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी। तट संरक्षण कार्यों से नदी किनारे बसे गांवों की भूमि और आवास सुरक्षित रहेंगे। निर्माण कार्यों के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि बजट में स्वीकृत ये सभी कार्य जिले की दीर्घकालीन जल प्रबंधन रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तकनीकी गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों और ग्रामीणों को शीघ्र लाभ मिल सके।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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