हसदेव बांगो जलाशय में अवैध मत्स्याखेट पर विभाग की कार्रवाई, प्रतिबंधित अवधि में मछली पकड़ने पर दी गई सख्त चेतावनी

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हसदेव बांगो जलाशय में अवैध मत्स्याखेट पर विभाग की कार्रवाई, प्रतिबंधित अवधि में मछली पकड़ने पर दी गई सख्त चेतावनी


कोरबा, 25 जुलाई (हि. स.)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मत्स्य संसाधनों के संरक्षण और मछलियों के प्रजनन काल को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से मछली पालन विभाग ने प्रतिबंधित अवधि के दौरान अवैध मत्स्याखेट के खिलाफ सख्ती तेज कर दी है। इसी कड़ी में शनिवार को विभाग की विशेष टीम ने हसदेव बांगो जलाशय क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया, जहां कुछ लोग प्रतिबंधित अवधि के बावजूद गैर-कानूनी तरीके से मछली पकड़ते हुए मिले।

निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने जलाशय के किनारे कुछ व्यक्तियों को 'गरी' के माध्यम से मछली पकड़ते हुए देखा। टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर उन्हें रोका और पूछताछ की। पूछताछ में संबंधित लोगों ने बताया कि उन्हें वर्तमान में लागू मत्स्याखेट प्रतिबंध की जानकारी नहीं थी।

विभागीय अधिकारियों ने मौके पर ही लोगों को मत्स्य संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए समझाया कि मानसून के दौरान मछलियों का प्रजनन काल चलता है। इस अवधि में किसी भी प्रकार का मत्स्याखेट पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है, ताकि मछलियों की संख्या और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण किया जा सके।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित अवधि में मछली पकड़ना मत्स्य संरक्षण अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।

उन्होंने संबंधित व्यक्तियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में यदि कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित अवधि के दौरान मछली पकड़ते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में जुर्माना सहित अन्य दंडात्मक प्रावधान भी लागू किए जाएंगे।

मछली पालन विभाग ने जिले के नागरिकों और मछुआरा समुदाय से अपील की है कि वे प्रतिबंधित अवधि का पूरी तरह पालन करें और मत्स्य संसाधनों के संरक्षण में सहयोग दें। विभाग का कहना है कि यदि इस अवधि में मछलियों को सुरक्षित प्रजनन का अवसर मिलेगा तो भविष्य में मत्स्य उत्पादन में वृद्धि होगी और इससे मछुआरा समुदाय को भी दीर्घकालीन लाभ मिलेगा।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध मत्स्याखेट पर रोक लगाने के लिए हसदेव बांगो जलाशय सहित जिले के सभी प्रमुख जलाशयों और अन्य जल स्रोतों में नियमित गश्त, औचक निरीक्षण और निगरानी अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

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