12 सितंबर को लगेगी वर्ष की तीसरी नेशनल लोक अदालत, तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक
लंबित राजीनामा योग्य मामलों के साथ बैंक ऋण, बिजली बिल और अन्य प्रकरणों के समाधान पर जोर
सूरजपुर, 19 अगस्त (हि.स.)। वर्ष 2026 की तीसरी नेशनल लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर को किया जाएगा। आज बुधवार को लोक अदालत की तैयारियों को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश थॉमस एक्का की अध्यक्षता में न्यायालय परिसर में दो दिवसीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित प्रकरणों के आपसी सहमति से निराकरण के साथ ही प्री-लिटिगेशन मामलों को लोक अदालत के माध्यम से सुलझाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक का पहला चरण 18 अगस्त को अधिवक्ताओं के साथ आयोजित हुआ, जबकि 19 अगस्त को विभिन्न शासकीय विभागों और बैंकिंग संस्थानों के अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। इस दौरान संबंधित न्यायिक अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए विभागों, अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं से न्यायालयों में लंबे समय से लंबित राजीनामा योग्य आपराधिक मामलों और मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों के आपसी सहमति से निराकरण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की सहमति से मामलों का समाधान होने से लोगों को जल्द राहत मिलेगी और न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का बोझ भी कम होगा।
बैंक और विभागों को प्री-लिटिगेशन मामले भेजने के निर्देश
दूसरे दिन हुई बैठक में विद्युत विभाग, दूरसंचार विभाग, नगरपालिका और जिले के विभिन्न बैंकों के अधिकारियों से प्री-लिटिगेशन प्रकरणों को जल्द जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करने कहा गया। लोक अदालत से पहले संबंधित पक्षकारों को समय पर नोटिस उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि वे अपने मामलों के निराकरण के लिए आवश्यक तैयारी कर सकें।
ऋण और बिजली बिल से जुड़े मामलों के समाधान पर चर्चा
बैठक में बैंक ऋण वसूली, बिजली बिल के बकाया और अन्य लेन-देन से जुड़े मामलों के त्वरित निराकरण पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि नियमों के तहत आम नागरिकों और पक्षकारों को उपलब्ध अधिकतम छूट एवं राहत का लाभ दिलाने का प्रयास करें।
लोक अदालत में आपसी सहमति से मामलों के निराकरण का प्रयास
बैठक में कहा गया कि नेशनल लोक अदालत का उद्देश्य पक्षकारों को सरल, सुलभ और त्वरित तरीके से न्याय उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों, बैंकिंग संस्थानों, अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करने की अपील की गई, ताकि 12 सितंबर को आयोजित होने वाली लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति से निराकरण किया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

