कुष्ठ खोज अभियान, आनलाइन एंट्री की रफ्तार धीमी

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कुष्ठ खोज अभियान, आनलाइन एंट्री की रफ्तार धीमी


15 जुलाई तक चल रहा सघन कुष्ठ खोज अभियान

धमतरी, 03 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में 15 जून से 15 जुलाई तक चल रहे सघन कुष्ठ खोज अभियान में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर संभावित मरीजों की पहचान कर रही हैं। अभियान के दौरान अब तक छह नए कुष्ठ रोगियों की पहचान हो चुकी है, लेकिन सर्वे के बाद आयुष्मान एप-पोर्टल पर डाटा अपलोड करने की प्रक्रिया बेहद धीमी है।

अब तक केवल 35 प्रतिशत सर्वे की ही आनलाइन एंट्री हो पाई है। इसे गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी विकासखंडों के अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों को तत्काल एंट्री कार्य में तेजी लाने के निर्देश जारी किए हैं।

इस सघन कुष्ठ खोज अभियान का उद्देश्य ऐसे मरीजों की समय रहते पहचान करना है, जो अब तक इलाज से वंचित हैं या जिनमें कुष्ठ रोग के शुरुआती लक्षण हैं। सर्वे दल घर-घर जाकर लोगों की त्वचा की जांच कर रहे हैं और संदिग्ध मरीज मिलने पर उन्हें जांच एवं उपचार के लिए रेफर कर रहे है। जिले में वर्तमान में कुल 117 कुष्ठ रोगी उपचाररत हैं। इनमें 28 पीबी और 89 एमबी श्रेणी के मरीज शामिल हैं। तीन जुलाई को स्वास्थ्य विभाग ने अभियान की आनलाइन मानिटरिंग को लेकर निर्देश जारी किए हैं।

निर्देश में कहा गया है कि सघन कुष्ठ खोज अभियान के दौरान स्क्रीनिंग और रेफरल से संबंधित सभी जानकारी एप एवं पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए। इसके लिए सर्वे दल के प्रथम सदस्य आरएचओ पुरुष को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जहां आरएचओ पुरुष उपलब्ध नहीं हैं, वहां आरएचओ महिला, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) या मितानिन प्रशिक्षक यह कार्य करेंगे। विभाग ने सभी संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार घर-घर सर्वे के साथ आनलाइन एंट्री सुनिश्चित करने और प्रगति रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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