कर्मयोगी भारत के तहत ‘साधना सप्ताह’ की शुरुआत, कार्यशैली सुधार और सेवा गुणवत्ता पर फोकस
धमतरी, 02 अप्रैल (हि.स.)। धमतरी जिले में प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कर्मयोगी भारत अंतर्गत 2 से 8 अप्रैल तक “साधना सप्ताह” का शुभारंभ किया गया।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत अपर कलेक्टर इंदिरा देवहारी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक लेकर की। इस दौरान कर्मयोगी भारत के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की गई और साधना सप्ताह का सामूहिक वाचन किया गया।
बैठक में आई-गॉट कर्मयोगी पोर्टल, पंजीकरण प्रक्रिया, लक्ष्य निर्धारण तथा प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने जैसे अहम विषयों पर विस्तार से मंथन हुआ। अधिकारियों-कर्मचारियों को शासन की मंशा के अनुरूप अपनी कार्यशैली में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया गया।
अपर कलेक्टर ने कहा कि कर्मयोगी भारत केवल प्रशिक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि कार्यशैली में गुणात्मक सुधार लाने का सशक्त अभियान है। “साधना सप्ताह” के जरिए आत्मचिंतन, पारदर्शिता, नवाचार और टीमवर्क को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे आम नागरिकों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं मिल सकें।
हर दिन एक विषय, सुधार की नई दिशा
उद्घाटन दिवस: सामूहिक वाचन और उद्देश्य चर्चा
आत्मचिंतन दिवस: व्यक्तिगत कार्यशैली का मूल्यांकन
सेवा संकल्प दिवस: गुणवत्तापूर्ण सेवा देने का संकल्प
नवाचार दिवस: नई कार्यप्रणाली और डिजिटल साधनों पर कार्यशाला
पारदर्शिता दिवस: शिकायत निवारण और पारदर्शिता की समीक्षा
सहयोग दिवस: टीमवर्क और समन्वय को बढ़ावा
समापन दिवस: अनुभव साझा और प्रतिवेदन प्रस्तुत
कार्यक्रम में दीपचंद भारती और गोस्वामी ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने और गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया।
प्रशासनिक सुधार की दिशा में यह पहल जिले में सुशासन को मजबूत करने का सशक्त माध्यम बनती नजर आ रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

