धमतरी को डिजिटल दुनिया से जोड़ने निकले क्रिएटर्स, गंगरेल से रुद्री तक दिखा प्रकृति और रोमांच का रंग

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धमतरी को डिजिटल दुनिया से जोड़ने निकले क्रिएटर्स, गंगरेल से रुद्री तक दिखा प्रकृति और रोमांच का रंग


धमतरी को डिजिटल दुनिया से जोड़ने निकले क्रिएटर्स, गंगरेल से रुद्री तक दिखा प्रकृति और रोमांच का रंग


धमतरी, 5 सितंबर (हि.स.)। धमतरी की प्राकृतिक खूबसूरती, समृद्ध संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और साहसिक पर्यटन को डिजिटल दुनिया के जरिए देश-दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘मॉनसून क्रिएटर मीट-अप 2026’ का शनिवार को शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से कंटेंट क्रिएटर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, यूट्यूबर्स, फोटोग्राफर्स, वीडियोग्राफर्स और डिजिटल स्टोरीटेलर्स शामिल हुए। पहले दिन क्रिएटर्स ने धमतरी की आस्था, प्रकृति, संस्कृति और रोमांच का प्रत्यक्ष अनुभव किया।

कार्यक्रम की शुरुआत पंजीयन, स्वागत एवं नाश्ते के साथ हुई। इसके बाद प्रतिभागियों ने अंगारमोती माता मंदिर में दर्शन कर जिले की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जाना। गंगरेल बांध और थेमली द्वीप का भ्रमण कर मानसून में लबालब जलाशय और चारों ओर फैली हरियाली का आनंद लिया। हरफर गांव पहुंचकर क्रिएटर्स ने ग्रामीण परिवेश, स्थानीय जीवनशैली और छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति को करीब से समझा। इसके बाद गांधी मंदिर का भ्रमण किया गया। रुद्री में कयाकिंग ने आयोजन में रोमांच का रंग भर दिया और प्रतिभागियों को धमतरी में विकसित हो रही जल एवं साहसिक पर्यटन की संभावनाओं से रूबरू होने का अवसर मिला। आध्यात्मिक यात्रा के क्रम में रुद्रेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन के बाद क्रिएटर्स बिलाई माता मंदिर पहुंचे। रात में गंगरेल-रुद्री क्षेत्र में कैंपिंग और नाइट साइक्लिंग का आयोजन भी किया गया।

कार्यक्रम के दौरान वनमंडलाधिकारी जाधव श्रीकृष्णा ने क्रिएटर्स से संवाद किया। उन्होंने जिले की भौगोलिक विविधता, वन संपदा, जैव विविधता, स्थानीय संस्कृति, प्राकृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि धमतरी की पहचान जल, जंगल, हरियाली और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी है तथा यहां प्रकृति और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलता है। उन्होंने क्रिएटर्स से जिम्मेदार एवं पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने तथा अपने डिजिटल कंटेंट के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया किसी पर्यटन स्थल की पहचान को व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। क्रिएटर्स द्वारा तैयार फोटो, वीडियो, रील्स और व्लॉग धमतरी की पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान दिला सकते हैं। आयोजन के माध्यम से गंगरेल, रुद्री, थेमली द्वीप, धार्मिक स्थल, प्राकृतिक क्षेत्र, ग्रामीण जीवन, साहसिक गतिविधियां और स्थानीय संस्कृति डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पहुंचेंगी। इससे पर्यटन के साथ होम-स्टे, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प, परिवहन और अन्य पर्यटन आधारित गतिविधियों के लिए रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है। एक्सप्लोर, क्रियेट, कलेक्ट की थीम पर आयोजित यह मीट-अप धमतरी की प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक आस्था, कला-संस्कृति और साहसिक पर्यटन को डिजिटल दुनिया से जोड़ने की अभिनव पहल है। मानसून की हरियाली और जल से समृद्ध धमतरी का मनोहारी स्वरूप अब डिजिटल क्रिएटर्स की नजरों से देश-दुनिया तक पहुंचेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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