कुरुद कृषि महाविद्यालय को मिला आईसीएआर का ‘ए’ ग्रेड

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कुरुद कृषि महाविद्यालय को मिला आईसीएआर का ‘ए’ ग्रेड


3.15 स्कोर के साथ पांच वर्ष के लिए मिला प्रत्यायन, कृषि शिक्षा के क्षेत्र में धमतरी को बड़ी उपलब्धि

धमतरी, 11 सितंबर (हि.स.)। कृषि शिक्षा, अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक व्यवस्था के क्षेत्र में धमतरी जिले को बड़ी उपलब्धि मिली है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के राष्ट्रीय कृषि शिक्षा प्रत्यायन बोर्ड (एनएईएबी) ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर तथा उसके अंतर्गत विभिन्न महाविद्यालयों और शैक्षणिक कार्यक्रमों को पांच वर्ष की अवधि के लिए प्रत्यायन प्रदान किया है। इसमें कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुरूद भी शामिल है। महाविद्यालय को 3.15 स्कोर के साथ ‘ए’ ग्रेड मिला है।

यह प्रत्यायन 29 मार्च 2024 से 28 मार्च 2029 तक प्रभावी रहेगा। राष्ट्रीय कृषि शिक्षा प्रत्यायन बोर्ड की 43वीं बैठक में 24 अगस्त 2026 को लिए गए निर्णय के आधार पर यह मान्यता प्रदान की गई है। कृषि प्रधान धमतरी जिले में कुरूद कृषि महाविद्यालय की यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है। महाविद्यालय में कृषि शिक्षा, विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण, अनुसंधान गतिविधियों और कृषक हितैषी तकनीकों के प्रसार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को इससे और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

कुरूद विधायक अजय चंद्राकर ने महाविद्यालय के प्राध्यापकों, वैज्ञानिकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को बधाई देते हुए इसे पूरे जिले के लिए गौरव की बात बताया। उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा और अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार से युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और आधुनिक कृषि तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने में महाविद्यालय की भूमिका और प्रभावी होगी।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने भी इस उपलब्धि पर महाविद्यालय परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी ज्ञान को बढ़ावा देना जिले की प्राथमिकताओं में शामिल है। अधिष्ठाता नवनीत राणा ने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों, प्राध्यापकों, वैज्ञानिकों और पूरे महाविद्यालय परिवार के निरंतर प्रयास, समर्पण और टीम भावना का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भविष्य में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देगी। आईसीएआर के प्रत्यायन से कुरुद कृषि महाविद्यालय की अकादमिक विश्वसनीयता को नई पहचान मिलने के साथ विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा और अनुसंधान के अवसरों के विस्तार की उम्मीद है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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