कोरिया : अब तक 6,196 मीट्रिक टन उर्वरक वितरित, कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

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कोरिया : अब तक 6,196 मीट्रिक टन उर्वरक वितरित, कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई


कोरिया : अब तक 6,196 मीट्रिक टन उर्वरक वितरित, कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई


कोरिया, 02 जून (हि.स.)। खरीफ सीजन 2026-27 के मद्देनजर कोरिया जिले की सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उर्वरकों का वितरण युद्ध स्तर पर जारी है। जिला प्रशासन द्वारा खाद की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसानों को कृषि कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने कृषि एवं सहकारी समितियों के अधिकारियों और प्रबंधकों को कड़े निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा है कि किसानों को शासन द्वारा निर्धारित मात्रा एवं तय दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए और पूरी वितरण व्यवस्था पारदर्शी और सुचारु रहनी चाहिए। सभी सहकारी समितियों और निजी खाद विक्रेताओं को अनिवार्य रूप से पीओएस मशीन के माध्यम से ही खाद वितरण करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासनिक मुस्तैदी को रेखांकित करते हुए कलेक्टर ने उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और अनियमित वितरण पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जिले में उड़नदस्ता दलों को सक्रिय कर दिया गया है। कलेक्टर ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि किसानों के हक पर डाका डालने वाली किसी भी अवैध गतिविधि में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं संस्थानों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, राज्य शासन और कृषि विभाग द्वारा किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। किसानों को पारंपरिक यूरिया के साथ-साथ नैनो यूरिया के उपयोग के लिए जागरूक किया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, नैनो यूरिया के उपयोग से कम मात्रा में ही अधिक प्रभावी परिणाम प्राप्त होते हैं, जिससे न सिर्फ खेती की लागत कम होती है बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता भी सुरक्षित रहती है।

उप संचालक कृषि राजेश भारती ने बताया कि एक जूनतक जिले में सभी उर्वरकों को मिलाकर कुल 12,150 मीट्रिक टन के निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 6,196 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है, जबकि लगभग 5,530 मीट्रिक टन का वितरण अभी शेष है। उन्होंने बताया कि यूरिया के 5,700 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 3,170 मीट्रिक टन, डीएपी के 2,700 मीट्रिक टन लक्ष्य के मुकाबले 1,580 मीट्रिक टन, एनपीके के 3,000 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 976 मीट्रिक टन, एसएसपी के 300 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 228 मीट्रिक टन और एमओपी के 450 मीट्रिक टन लक्ष्य के मुकाबले 242 मीट्रिक टन खाद किसानों को उपलब्ध कराई जा चुकी है।

सहकारी समितियों की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले में महज एक ही दिन के भीतर कुल 666 मीट्रिक टन उर्वरक का रिकॉर्ड वितरण किया गया है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियों को और गति मिलेगी। उप संचालक भारती ने आश्वस्त किया कि जिले की सभी समितियों में खाद भंडारण एवं वितरण की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और वर्तमान में जिले के डबल लॉक केंद्रों में कुल 1,883.969 मीट्रिक टन उर्वरक का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसमें 1,325.610 मीट्रिक टन यूरिया, 390.900 मीट्रिक टन डीएपी, 60.000 मीट्रिक टन एनपीके तथा 107.450 मीट्रिक टन एमओपी शामिल है।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार ही खाद का उठाव करें और केवल अनुशंसित मात्रा में ही उर्वरकों का उपयोग करें। विभाग ने किसानों को डीएपी एवं यूरिया के अत्यधिक उपयोग से बचते हुए जैविक खाद, सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी), पोटाश एवं नैनो यूरिया का संतुलित इस्तेमाल करने की सलाह दी है, ताकि भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहे और पैदावार में भारी वृद्धि हो सके। इसके साथ ही किसानों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद खरीदें तथा खरीदारी के बाद पीओएस मशीन से निकलने वाली रसीद अवश्य प्राप्त करें। प्रशासन खरीफ सीजन के दौरान जिले के किसी भी किसान को उर्वरक की कमी न होने देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

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