कोरबा में बल्क वेस्ट जनरेटरों को सख्त निर्देश, कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी स्वयं निभानी होगी
कोरबा, 19 मई (हि. स.)। नगर पालिक निगम कोरबा ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आज मंगलवार काे निगम क्षेत्र के बल्क वेस्ट जनरेटरों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने स्पष्ट कहा कि बड़े संस्थानों, प्रतिष्ठानों और व्यावसायिक इकाइयों को अपने यहां उत्पन्न होने वाले कचरे के उपचार, प्रसंस्करण और निस्तारण की जिम्मेदारी स्वयं उठानी होगी तथा नए नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
निगम के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत स्थित सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में बल्क वेस्ट जनरेटरों को भारत सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से लागू किए गए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई। आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने कहा कि शहर की स्वच्छता केवल निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी नागरिकों और संस्थानों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी प्रतिष्ठानों से अपने परिसर को स्वच्छ रखने और कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करने की अपील की।
बैठक में निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. संजय तिवारी ने बताया कि नए नियमों के तहत बल्क वेस्ट जनरेटरों की नई श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। ऐसे भवन या संस्थान जिनका क्षेत्रफल 20 हजार वर्गमीटर या उससे अधिक हो, प्रतिदिन 40 हजार लीटर पानी की खपत होती हो या रोजाना 100 किलोग्राम ठोस अपशिष्ट उत्पन्न होता हो, उन्हें बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में रखा गया है। इसमें सरकारी विभाग, सार्वजनिक उपक्रम, निजी कंपनियां, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, होटल, अस्पताल, मल्टीप्लेक्स, बाजार, विवाह भवन, खेल परिसर और बड़ी आवासीय सोसायटी शामिल हैं।
बैठक में बताया गया कि अब कचरे का पृथक्करण केवल गीला और सूखा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चार श्रेणियों में किया जाएगा। इसके तहत हरे डस्टबिन में गीला कचरा, नीले में सूखा कचरा, लाल में सैनिटरी और जैविक संक्रमणयुक्त कचरा तथा बैंगनी डस्टबिन में विशेष देखभाल वाले अपशिष्ट जैसे दवाइयां, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक सामान और रसायन रखे जाएंगे। मिश्रित कचरा देने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति का प्रावधान भी रखा गया है।
नियमों के अनुसार 100 से अधिक लोगों के किसी भी आयोजन या समारोह के लिए आयोजकों को कम से कम तीन कार्य दिवस पहले नगर निगम को सूचना देना अनिवार्य होगा। साथ ही आयोजन स्थल पर कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण और नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।
स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय तिवारी ने बताया कि 5 हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले होटल, रेस्टोरेंट, बाजार संघ, गेटेड कॉलोनी और संस्थानों को निगम के साथ मिलकर कचरे के पृथक्करण, संग्रहण और पुनर्चक्रण की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। जैविक कचरे का निपटान परिसर के भीतर खाद या बायो-मीथनेशन के माध्यम से करना होगा।
बैठक में चेतावनी दी गई कि नियमों का उल्लंघन करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटरों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और अन्य प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। कार्यक्रम में निगम अधिकारी, विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि और शहर के प्रमुख नागरिक उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

