कोरबा निगम की एक और जनकल्याणकारी पहल : मेयर की पाती 24 घंटे के अंदर करायेगी पानी
कोरबा, 26 फ़रवरी (हि.स.)।आमजनता को निगम द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न मूलभूत सुविधाओं में प्रमुख पानी, बिजली व साफ-सफाई आदि से जुड़ी समस्याओं पर आमजन द्वारा प्रस्तुत आवेदनों पर कार्यवाही व समस्याओं का समाधान अब 24 घंटे के अंदर निगम द्वारा अनिवार्य रूप से किया जायेगा। यदि किसी कारणवश निर्धारित समय पर निराकरण नहीं हो सका तो, उसका ठोस कारण भी प्रभारी अधिकारी बतायेगे।
यह सब संभव होगा निगम की एक और जनकल्याणकारी पहल ’’ मेयर की पाती ’’ से। यह पाती लेटर बाक्स से निकलकर सीधे प्रभारी अधिकारी को जायेगी तथा संबंधित समस्या का समाधान करायेगी।
महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत एवं आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के द्वारा मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का 24 घंटे के अंदर समाधान किये जाने हेतु एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उनके द्वारा ’’ मेयर की पाती ’’ की व्यवस्था शीघ्र ही की जाएगी।जिसके तहत पानी, बिजली व साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं के संबंध में प्राप्त आवेदनों का निराकरण व समस्याओं का समाधान 24 घंटे के अंदर अनिवार्य रूप से संबंधित प्रभारी अधिकारी द्वारा किया जायेगा। यह व्यवस्था संचालित होने के पश्चात इन महत्वपूर्ण मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समयसीमा में त्वरित समाधान लोगों को प्राप्त होगा।
’’ मेयर की पाती ’’ व्यवस्था के अंतर्गत नगर पालिक निगम कोरबा के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत के प्रवेशद्वार पर नीले, पीले व हरे तीन रंगों के लेटर बाक्स स्थापित किये जायेंगे। नीले रंग के लेटर बाक्स में पेयजल से जुड़ी समस्याओं, पीले रंग के बाक्स में स्ट्रीट लाईट विद्युत से जुड़ी समस्याओं तथा हरे रंग के लेटर बाक्स में साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं के आवेदन पत्र आमनागरिकों द्वारा डाले जा सकेंगे।
इन लेटर बाक्स में आमजन द्वारा डाले गये शिकायत पत्रों को तत्काल निकालकर उन्हें कम्प्यूटर मंे दर्ज किया जायेगा तथा संबंधित प्रभारी अधिकारी के मोबाईल पर व्हाट्सअप के माध्यम से पत्रों को प्रेषित किया जायेगा। पत्र प्राप्त होते ही प्रभारी अधिकारी समस्या पर तत्काल संज्ञान लेंगे तथा आवश्यक कार्यवाही सम्पन्न कराते हुये निर्धारित समयसीमा 24 घंटे के अंदर समस्या का संतुष्टिपूर्ण निराकरण करायेंगे। यदि किसी कारणवश समस्या का समाधान निर्धारित समयसीमा में संभव नहीं हो पाता, तो इसका ठोस कारणों से प्रभारी अधिकारी निगम आयुक्त को अवगत कराते हुये अपना प्रतिवेदन देंगे । यह बतायेंगे कि समस्या का समाधान कब तक संभव हो सकेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

