कोंडागांव के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उप जेल का किया निरीक्षण

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कोंडागांव के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उप जेल का किया निरीक्षण


कोंडागांव, 27 जून (हि.स.)। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण खिलावन राम रिगरी के द्वारा उप जेल नारायणपुर का आज शनिवार काे औचक निरीक्षण किया । निरीक्षण के दौरान जेल परिसर के समस्त व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन करते हुए बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था स्वच्छता, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा तथा आवासीय व्यवस्था का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नारायणपुर जितेंद्र कुमार ठाकुर, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गायत्री साय, जेल अधीक्षक संजय कुमार नायक, न्यायालय प्रशासनिक अधिकारी आर.एन. नाग, स्टेनो अभिषेक तिवारी, प्रतिधाकर अधिवक्ता चन्द्रप्रकाश कश्यप उपस्थित रहे। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि न्यायिक निरीक्षण का उद्देश्य बंदियों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करना तथा जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यस्थाओं को का नियमित अनुश्रवण करते हुए किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर उसका शिघ्र निराकरण सुनिधित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान प्रधान न्यायाधीश ने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का त्वरित एवं विधिसम्मत निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिये। उन्होंने बंदियों को नि:शुल्क विधिक सहायता की उपलब्धता के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आर्थिक अथवा अन्य कारणों से अधिवक्ता उपलब्ध न होने की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से नि:शुल्क विधिक सहायता प्राप्त की जा सकती है। इस दौरान जेल अभिलेखों, बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण, मुलाकात रजिस्टर, साफ-सफाई तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों का भी अवलोकन किया।

न्यायाधीश ने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि सभी बंदियों के संवैधानिक एवं मानवाधिकारों का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा उन्हें शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्वक उपलब्ध कराई जाए। निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन को जेल परिसर में स्वच्छ एवं अनुशासित वातावरण बनाए रखने, स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा बंदियों के पुर्नवास एवं सुधारात्मक गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

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