रायपुर : 23 अगस्त को 10 हजार कांवड़िये करेंगे बाबा हटकेश्वरनाथ का जलाभिषेक
-राजेश मूणत के नेतृत्व में लगातार आठवें वर्ष निकलेगी विशाल कांवड़ यात्रा
रायपुर, 18 अगस्त (हि.स.)। राजधानी रायपुर एक बार फिर आस्था, अध्यात्म, संस्कृति और शिवभक्ति के विराट संगम का साक्षी बनने जा रही है। रायपुर पश्चिम के विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत के नेतृत्व में लगातार आठवें वर्ष आयोजित होने वाली विशाल कांवड़ यात्रा 23 अगस्त को प्रातः 9 बजे मारुति मंगलम, गुढ़ियारी से प्रारंभ होकर महादेव घाट स्थित बाबा हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंचेगी। मारुति मंगलम में दिव्य शिवाभिषेक विधिविधान पूर्वक से प्रारंभ होगा ।
कांवड़ यात्रा को इस वर्ष और अधिक व्यापक एवं भव्य स्वरूप प्रदान करने तथा तैयारियों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से आज एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में भारतीय जनता पार्टी रायपुर शहर जिला की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधायक राजेश मूणत सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न मोर्चा-प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों ने यात्रा की व्यवस्थाओं और व्यापक जनसहभागिता को लेकर विस्तार से चर्चा की।
विशाल कांवड़ यात्रा के दिन 23 अगस्त को प्रातः 8 बजे से मारुति मंगलम, गुढ़ियारी में विधि-विधान से पूजा-अर्चना प्रारंभ होगी। पूजन के पश्चात प्रातः 9 बजे हजारों शिवभक्त कांवड़ उठाकर “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष के साथ महादेव घाट स्थित बाबा हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे।
प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी करीब 10 हजार कांवड़ियों के यात्रा में सम्मिलित होने की तैयारी की गई है। कांवड़िये एक समान परिधान धारण कर अनुशासित रूप से यात्रा में शामिल होंगे और बाबा हटकेश्वरनाथ महादेव का जलाभिषेक कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की मंगलकामना करेंगे।
हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता को देखते हुए आयोजन को सुव्यवस्थित और अनुशासित रूप से संपन्न कराने के लिए लगभग 500 वालंटियर विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे।यात्रा में देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले धार्मिक एवं सांस्कृतिक दल अपनी विशिष्ट प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की विविधता के बीच शिवभक्ति की एकता का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करेंगे।
अघोरी टीम एवं महाकाली टीम, दिल्ली की महाकाल अघोरी टीम के साथ विशाल नंदी, केरल का भारत नाट्यम, ट्रेडिशनल बैंड एवं पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियां, उज्जैन की डमरू महाकाल सवारी, महाराष्ट्र का सुप्रसिद्ध नागपुर ढोल, खड़गपुर की मां काली टीम तथा ओडिशा के पारंपरिक दल यात्रा के प्रमुख आकर्षण होंगे।
छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति भी यात्रा में अपने पूरे वैभव के साथ दिखाई देगी। अंबिकापुर एवं कोरबा की अघोरी टीम, बेंद्री के लोक कलाकारों द्वारा शिव परिवार की प्रस्तुति, दुर्ग एवं भिलाई के धुमाल दल, रायपुर की राधा रानी धुमाल और महाकाल-अघोरी टीम सहित अनेक दल अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था और सनातन संस्कृति को साकार करती अनेक जीवंत झांकियां श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगी। इनमें शिव परिवार, राम-सीता, हनुमान वानर सेना, मुकुट हनुमान, बाहुबली हनुमान, परशुराम जी, जामवंत जी, गणेश जी, सुग्रीव, भोलेबाबा एवं महाकाल सहित विभिन्न धार्मिक स्वरूप सम्मिलित होंगे।
इसके साथ ही राम-सीता दरबार, शिव परिवार, 11 घोड़े एवं 2 बग्घियां, लाइव सिंगिंग और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां भी यात्रा की भव्यता में चार चांद लगाएंगी।
कांवड़ यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित मंत्रीगण एवं रायपुर के विधायकगण के सम्मिलित होने की जानकारी बैठक में दी गई।
विधायक राजेश मूणत ने कहा कि, “कांवड़ उठाना केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भगवान भोलेनाथ के प्रति हमारी श्रद्धा, साधना और समर्पण की अभिव्यक्ति है। हमारा प्रयास है कि 23 अगस्त को रायपुर की सड़कों पर शिवभक्ति का ऐसा विराट स्वरूप दिखाई दे, जिसमें हमारी आस्था के साथ भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और लोक परंपराओं की सुंदर झलक भी दिखाई दे।”
श्री मूणत ने कहा, “लगभग 10 हजार शिवभक्त जब एक समान परिधान में कांवड़ लेकर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के उद्घोष के साथ बाबा हटकेश्वरनाथ की ओर बढ़ेंगे, तब राजधानी का वातावरण शिवमय होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

