पूसाझर में बच्चे घाेटूल में पढ़ाई करने की मजबूरी का कांकेर कलेक्टर ने लिया संज्ञान
कांकेर, 24 सितंबर (हि.स.)। जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत मुरागांव के आश्रित ग्राम पूसाझर में बच्चे पिछले करीब सात वर्षों से घाेटूल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्कूल का पुराना भवन जर्जर होने के बाद बच्चों के लिए घाेटूल को ही अस्थाई कक्षा के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, गांव में नई स्कूल बिल्डिंग का निर्माण शुरू होने के बावजूद अब तक पूरा नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों के अनुसार बच्चों के लिए नई बिल्डिंग बनाने का काम शुरू किया गया था, लेकिन निर्माण अब तक पूरा नहीं हुआ। इसके चलते बच्चों को मजबूरी में पुराने घाेटूल में पढ़ना पड़ रहा है। कच्चे भवन में लगातार नमी और सीलन बनी रहती है। जमीन पर कई जगह मशरूम तक उग आए हैं। इसी माहौल में रोज करीब 9 से 10 बच्चे पढ़ाई करने पहुंचते हैं। पालकों का कहना है कि खराब वातावरण और नमी के कारण बच्चों की तबीयत भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों एवं पालकों ने प्रशासन से अधूरी स्कूल बिल्डिंग का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलना चाहिए। जब तक भवन तैयार नहीं होता, तब तक प्रशासन को पढ़ाई के लिए वैकल्पिक और सुरक्षित व्यवस्था करनी चाहिए।
इस मामले को लेकर कांकेर कलेक्टर कुंदन कुमार ने गुरुवार काे कहा कि शिक्षा बच्चों की पहली जरूरत है। यदि बच्चे इस तरह की परिस्थितियों में पढ़ाई कर रहे हैं तो मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और टीम को मौके पर भेजकर स्थिति का जायजा लेने तथा समस्या के समाधान की दिशा में जल्द पहल करने की बात कही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

